लखीमपुर खीरी
लखीमपुर खीरी जनपद की ग्राम पंचायत लुधौरी का ओरी पुरवा गांव इन दिनों प्रशासनिक उपेक्षा का दंश झेल रहा है। गांव को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग पूरी तरह से जलमग्न हो चुका है, जिससे ग्रामीणों का जीना दूभर हो गया है। लंबे समय से बनी भारी जलभराव और घुटनों तक फैले कीचड़ की इस समस्या ने न केवल लोगों के कदम रोक दिए हैं, बल्कि जिम्मेदार महकमे के दावों की भी कलई खोलकर रख दी है।
स्कूली बच्चों और राहगीरों के लिए ‘सफर’ बना ‘सजा’
इस जर्जर और कीचड़ से सराबोर रास्ते के कारण सबसे ज्यादा मुसीबत नौनिहालों को उठानी पड़ रही है। स्कूली बच्चों के लिए विद्यालय जाना किसी खतरनाक चुनौती से कम नहीं है।
हादसों का डर
आए दिन बच्चे इस दलदल नुमा रास्ते में फिसलकर गिर जाते हैं, जिससे वे चोटिल तो होते ही हैं, साथ ही उनके कपड़े और किताबें भी खराब हो जाती हैं।
रास्ते की इस बदहाली के कारण कई बार बच्चे समय पर स्कूल नहीं पहुँच पाते या फिर घर लौटने को मजबूर हो जाते हैं।
राहगीर परेशान
पैदल यात्रियों के साथ-साथ दुपहिया वाहन चालक भी रोजाना यहाँ गिरकर चोटिल हो रहे हैं।
कागजों तक सीमित रह गईं शिकायतें, ग्रामीणों में भारी आक्रोश
ग्रामीणों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार स्थानीय प्रशासन, संबंधित विभाग और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के चक्कर काटे गए, लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ खोखले आश्वासन ही मिले। शिकायतें फाइलों में दबी हैं और धरातल पर स्थिति दिन-प्रतिदिन बदतर होती जा रही है। ग्रामीणों में इस अनदेखी को लेकर गहरा गुस्सा है।
क्या कहते हैं बेबस ग्रामीण
सड़क पर घुटनों तक कीचड़ और बदबूदार पानी भरा रहता है। बच्चों को स्कूल भेजने में डर लगता है कि कहीं वे गिरकर गंभीर रूप से घायल न हो जाएं। ऐसा लगता है जैसे प्रशासन हमें इंसान ही नहीं समझता, हमारी सुध लेने वाला कोई नहीं है।
आंदोलन की चेतावनी: जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग
ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। उन्होंने जिला प्रशासन को साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं की गई और सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ, तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से इस मामले में तत्काल व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर समस्या का स्थायी समाधान निकालने की गुहार लगाई है।
अब देखना यह होगा कि क्या लखीमपुर खीरी का जिला प्रशासन इस गंभीर जनसमस्या का संज्ञान लेकर ओरी पुरवा गांव के लोगों को इस नारकीय जीवन से मुक्ति दिलाएगा, या फिर ग्रामीण और मासूम बच्चे इसी तरह जान जोखिम में डालकर सफर करने
को मजबूर रहेंगे?













