बलिया
नई दिल्ली: महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक विशेष कानूनी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

नई दिल्ली: महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक विशेष कानूनी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण कानूनों पर विस्तृत प्रकाश डाला गया।
इस दौरान वक्ताओं ने पीछा करना (स्टॉकिंग) एवं घरेलू क्रूरता जैसे मामलों में सख्त दंड के प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सामान्य परिस्थितियों में महिलाओं को सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। किसी भी विशेष परिस्थिति में महिला को गिरफ्तार करने के लिए महिला मजिस्ट्रेट की लिखित अनुमति अनिवार्य होती है।
इसके अलावा, कार्यक्रम में महिलाओं की सुरक्षा और समानता से जुड़े कई अन्य प्रमुख कानूनों पर भी चर्चा की गई। इनमें मुख्य रूप से:
अनैतिक व्यापार (रोकथाम) अधिनियम, 1956
सती प्रथा (रोकथाम) अधिनियम, 1987
कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (पॉश) अधिनियम, 2013
मातृत्व लाभ अधिनियम, 1961 (संशोधित 2017)
समान पारिश्रमिक अधिनियम, 1976
कार्यक्रम के अंत में महिलाओं से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और आवश्यकता पड़ने पर सरकार द्वारा दी जाने वाली निःशुल्क विधिक सहायता का लाभ उठाने की अपील की गई। इस अवसर पर वन स्टॉप सेंटर एवं चाइल्ड लाइन के कर्मचारी, विधि (लॉ) के छात्र-छात्राएं तथा बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं उपस्थित रहीं।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) June 30, 2026













