संभल
संभल में दहेज उत्पीड़न और हत्या के आरोपों से जुड़े एक मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 45 दिन पहले दफनाई गई महिला का शव कब्र से निकलवाकर दोबारा पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

संभल में दहेज उत्पीड़न और हत्या के आरोपों से जुड़े एक मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 45 दिन पहले दफनाई गई महिला का शव कब्र से निकलवाकर दोबारा पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका के पिता द्वारा पूर्व में कराई गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर संदेह जताए जाने के बाद यह कदम उठाया गया।

मामला थाना हजरतनगर गढ़ी क्षेत्र की नगर पंचायत सिरसी के मोहल्ला चौधरियान स्थित कब्रिस्तान का है। मृतका की पहचान थाना नखासा क्षेत्र के गांव रुकनुद्दीन सराय निवासी जफीर की पत्नी मेहताब के रूप में हुई है। सोमवार को प्रशासनिक अधिकारियों, चिकित्सकों, फॉरेंसिक विशेषज्ञों और पुलिस बल की मौजूदगी में शव को कब्र से बाहर निकालकर दोबारा परीक्षण के लिए भेजा गया।
कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार दीपक कुमार जुरैल, अमरोहा फॉरेंसिक टीम के प्रभारी सोम शर्मा, स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक डॉ. नीरज शर्मा, मुरादाबाद जिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. नीलम आर्य, डॉ. रामेन्द्र, थाना प्रभारी संजय कुमार, सिरसी चौकी प्रभारी फिरोज खान समेत पीएसी के जवान तैनात रहे। टीम सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे मौके पर पहुंची और लगभग तीन घंटे तक पूरी प्रक्रिया चली।
बताया गया कि मृतका के पिता अय्यूब पुत्र सगीर निवासी मोहल्ला चौधरियान, सिरसी ने जिला प्रशासन से शिकायत कर आरोप लगाया था कि उनकी बेटी की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी और ससुराल पक्ष दहेज की मांग को लेकर उसका उत्पीड़न करता था। उनका कहना है कि 11 मई 2026 को उन्हें बेटी की मौत की सूचना मिली, जबकि उससे पहले देर रात तक उनकी बेटी से फोन पर बातचीत हुई थी।
पिता के अनुसार, उन्होंने 20 मई को पुलिस को लिखित शिकायत देकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। उनका आरोप है कि पति और ससुराल के अन्य सदस्य लगातार दहेज को लेकर प्रताड़ित करते थे। उन्होंने यह भी बताया कि घटना से पहले मेहताब करीब 22 दिन तक मायके में रही थी और देवर के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद वह चार दिन पूर्व ही ससुराल लौटी थी।
मृतका पक्ष के अधिवक्ता रविंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई बिंदुओं को लेकर परिवार को संदेह था। इसी आधार पर दोबारा पोस्टमार्टम की मांग की गई, ताकि मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सके और मामले की सच्चाई सामने आ सके।
नायब तहसीलदार दीपक कुमार जुरैल ने बताया कि मृतका के परिजनों द्वारा पूर्व पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर आपत्ति जताते हुए पुनः परीक्षण की अनुमति मांगी गई थी। प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद नियमानुसार शव को कब्र से निकलवाकर चिकित्सकीय परीक्षण के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) June 22, 2026












