घघसरा बाजार: शिव-विवाह प्रसंग पर झूम उठे श्रद्धालु; वेदमंदिर नगर में ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंजा भागवत कथा पांडाल

घघसरा बाजार

गोरखपुर जनपद के नगर पंचायत घघसरा बाजार के वार्ड नंबर 15 वेदमंदिर नगर (शिवपुर नचनी) में इन दिनों अध्यात्म और भक्ति की अविरल गंगा बह रही है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

गोरखपुर जनपद के नगर पंचायत घघसरा बाजार के वार्ड नंबर 15 वेदमंदिर नगर (शिवपुर नचनी) में इन दिनों अध्यात्म और भक्ति की अविरल गंगा बह रही है। चौरसिया परिवार के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दौरान भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह प्रसंग का अत्यंत भव्य और दिव्य आयोजन किया गया। इस अलौकिक प्रसंग को सुनकर पांडाल में उपस्थित सैकड़ों श्रद्धालु भक्ति और उल्लास के सागर में डूब गए। पूरा क्षेत्र भगवान भोलेनाथ के भजनों और “हर-हर महादेव” के गगनभेदी जयघोष से सराबोर हो उठा।

त्याग, प्रेम और समर्पण का अद्भुत संदेश है शिव-विवाह: आचार्य विजयनाथ महाराज

श्रीधाम अयोध्या से पधारे सुप्रसिद्ध कथा व्यास आचार्य विजयनाथ महाराज जी ने अपनी सुमधुर वाणी से शिव-विवाह प्रसंग का सजीव और भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कथा का मर्म समझाते हुए कहा,भगवान शिव का विवाह महज एक लौकिक या धार्मिक प्रसंग नहीं है, बल्कि यह संपूर्ण सृष्टि के लिए त्याग, निश्छल प्रेम और संपूर्ण समर्पण का सबसे बड़ा और अद्भुत संदेश है।

आचार्य जी ने माता पार्वती की कठिन तपस्या, देवाधिदेव महादेव की सादगी और उनके दिव्य स्वरूप का ऐसा रसदार चित्रण किया कि कथा मंडप में बैठे श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। जैसे ही कथा व्यास ने शिव जी की अनोखी बारात जिसमें भूत-प्रेत, पिशाच, अघोरी, देवगण और ऋषि-मुनि सभी एक साथ शामिल थे का वृत्तांत सुनाया, श्रोता मंत्रमुग्ध होकर झूमने लगे।

मंगलगीतों और भजनों पर थिरके श्रद्धालु, चौरसिया परिवार ने संभाली व्यवस्था

शिव-विवाह के पावन प्रसंग के दौरान पांडाल में उपस्थित महिला श्रद्धालुओं ने ढोलक की थाप पर पारंपरिक मंगलगीत और सोहर गाकर पूरे वातावरण को और अधिक भक्तिमय बना दिया। वहीं, भोलेनाथ के विवाह के भजनों पर युवा और बच्चे खुद को थिरकने से नहीं रोक पाए।

इस धार्मिक अनुष्ठान में घघसरा बाजार और आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों से भारी संख्या में गणमान्य नागरिक, प्रबुद्ध वर्ग और श्रद्धालु उपस्थित रहे। मुख्य यजमान व आयोजक चौरसिया परिवार द्वारा कथा श्रवण के लिए आने वाले सभी भक्तों के बैठने, पेयजल और आरती के बाद महाप्रसाद वितरण की उत्तम व सराहनीय व्यवस्था सुनिश्चित की गई, जिसकी क्षेत्रवासियों ने खुले दिल से सराहना की।

 

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