बुलंदशहर : एनएचएम संविदा कर्मियों ने काली पट्टी बांध कर दे डाली बड़ी चेतावनी, जानें किन कारणों को लेकर कर्मचारियों में फूटा गुस्सा

बुलंदशहर

जनपद बुलंदशहर में मानदेय न मिलने पर एनएचएम संविदा कर्मचारियों का काली पट्टी बांधकर विरोध, 21 मई से कार्य बहिष्कार की चेतावनी। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बुलंदशहर में भारतीय मजदूर संघ से सम्बद्ध उ०प्र० राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के प्रान्तीय अध्यक्ष ठा० मयंक प्रताप सिंह के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत बुधवार को बुलंदशहर के एनएचएम संविदा कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर कार्य किया। कर्मचारियों ने मार्च और अप्रैल 2026 का मानदेय दो माह से लंबित होने के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। जनपद के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात कर्मचारियों ने अपने कार्यस्थलों पर उपस्थित होकर विभाग के प्रति विरोध दर्ज कराया।

किन कर्मचारियों ने लिया भाग

जिला अध्यक्ष दिनेश कुमार ने बताया कि विरोध कार्यक्रम में संविदा चिकित्सक, एएनएम, स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन, सीएचओ, पैरामेडिकल स्टाफ, बीपीएम, बीसीपीएम, मैनेजमेंट स्टाफ सहित एनएचएम के समस्त संविदा कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में प्रतिभाग किया।

आर्थिक संकट से जूझ रहे कर्मचारी

दिनेश कुमार ने कहा कि मार्च एवं अप्रैल 2026 का मानदेय अब तक न मिलने से कर्मचारियों और उनके परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट पैदा हो गया है। बच्चों के विद्यालयों का नया सत्र शुरू हो चुका है, लेकिन कर्मचारी फीस, पुस्तकों और दैनिक जरूरतों की पूर्ति करने में असमर्थ हैं। इससे कर्मचारियों में भारी रोष है।

आगे की रणनीति का ऐलान

संघ के जिला महामंत्री डा० तहसीन रज़ा ने बताया कि यह विरोध कार्यक्रम 19 एवं 20 मई 2026 को भी पूरे प्रदेश में जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 20 मई तक लंबित मानदेय का भुगतान नहीं किया जाता है तो 21 मई 2026 से जनपद के समस्त एनएचएम संविदा कर्मचारी कार्य बहिष्कार करने को बाध्य होंगे।

इमरजेंसी सेवाएं रहेंगी चालू

डा० तहसीन रज़ा ने स्पष्ट किया कि जनहित को ध्यान में रखते हुए कार्य बहिष्कार के दौरान भी इमरजेंसी सेवाओं को सुचारु रूप से संचालित रखा जाएगा।

शासन से मांग

संघ नेतृत्व ने शासन एवं विभागीय अधिकारियों से मांग की है कि कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए तत्काल लंबित मानदेय का भुगतान सुनिश्चित किया जाए, जिससे कर्मचारियों को आंदोलन की स्थिति से बाहर निकाला जा सके।

 

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