डिबाई
बुलंदशहर जनपद के डिबाई क्षेत्र में स्थित दानवीर राजा कर्ण की ऐतिहासिक नगरी कर्णवास के पवित्र गंगा घाट पर शनिवार को वट सावित्री व्रत एवं शनि अमावस्या के महापर्व पर अगाध श्रद्धा और आस्था का विहंगम नजारा देखने को मिला।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बुलंदशहर जनपद के डिबाई क्षेत्र में स्थित दानवीर राजा कर्ण की ऐतिहासिक नगरी कर्णवास के पवित्र गंगा घाट पर शनिवार को वट सावित्री व्रत एवं शनि अमावस्या के महापर्व पर अगाध श्रद्धा और आस्था का विहंगम नजारा देखने को मिला। इस दोहरे पावन संयोग पर सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही गंगा तट पर हजारों की संख्या में दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने पतित पावनी गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
महिलाओं ने अखंड सौभाग्य के लिए की वट वृक्ष की परिक्रमा
शनिवार को वट सावित्री अमावस्या के अवसर पर सुहागिन महिलाओं ने निर्जला व्रत रखकर अपने पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। कर्णवास क्षेत्र के विभिन्न स्थानों और गंगा तट के समीप स्थित प्राचीन वट वृक्षों (बरगद) के नीचे सुबह से ही महिलाओं की भारी भीड़ जुटी रही।
महिलाओं ने वट वृक्ष पर जल, रोली, अक्षत और फल-फूल अर्पित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
सूत के कच्चे धागे को वट वृक्ष के तने में लपेटते हुए महिलाओं ने सुख-समृद्धि की मनौतियां मांगीं और वृक्ष की परिक्रमा कर अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मांगा।
शनि जयंती पर गूंजे जयकारे, पितरों का किया तर्पण
ज्येष्ठ मास की इस अमावस्या को शनि जयंती के रूप में भी बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने शनि देव के मंदिरों में पहुंचकर तैलाभिषेक किया और भगवान शनि देव की आराधना कर परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
इसके साथ ही, दूर-दराज के क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने गंगा तट पर अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पितृ तर्पण और दान-पुण्य भी किया। पूरे दिन कर्णवास नगरी और गंगा घाट ‘हर-हर गंगे’ और ‘जय माता दी’ के जयकारों से गुंजायमान रहे, जिससे माहौल पूरी तरह आध्यात्मिक और भक्तिमय बना रहा।
सुरक्षा व सुविधा को लेकर सतर्क रहा स्थानीय प्रशासन
घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए स्थानीय पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। वीआईपी घाट से लेकर अन्य प्रमुख स्नान घाटों पर बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई थी ताकि कोई गहरे पानी में न जा सके। सुरक्षा के लिहाज से घाटों पर महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों की मुस्तैदी रही। इसके अलावा घाटों पर साफ-सफाई और चेंजिंग रूम की भी समुचित व्यवस्था देखी गई, जिससे श्रद्धालुओं ने बिना किसी असुविधा के सुगमता पूर्वक स्नान और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) May 16, 2026






















