बरगदवा: बच्चों का भविष्य मजदूरी नहीं, शिक्षा से संवरता है, एसएसबी और पीजीएसएस एनजीओ ने चलाया संयुक्त बाल श्रम मुक्त अभियान

बरगदवा (महराजगंज)

महराजगंज जनपद के भारत-नेपाल सीमा पर तैनात सुरक्षा बल और सामाजिक संस्थाओं ने मिलकर नौनिहालों के भविष्य को संवारने की दिशा में एक सराहनीय कदम उठाया है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

महराजगंज जनपद के भारत-नेपाल सीमा पर तैनात सुरक्षा बल और सामाजिक संस्थाओं ने मिलकर नौनिहालों के भविष्य को संवारने की दिशा में एक सराहनीय कदम उठाया है। शनिवार को ‘ई’ समवाय बरगदवा ने पूर्वांचल ग्रामीण सेवा समिति की टीम के साथ संयुक्त रूप से क्षेत्र में एक विशेष ‘बाल श्रम मुक्त अभियान’ चलाया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और सीमावर्ती क्षेत्रों में बाल श्रम के खिलाफ जागरूकता फैलाना और बच्चों को मजदूरी की बेड़ियों से मुक्त कराकर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना रहा।

गाँव-गाँव जाकर लोगों को कानून और शिक्षा के प्रति किया जागरूक

शनिवार दोपहर चले इस सघन अभियान के दौरान संयुक्त टीम ने ग्रामीण अंचलों के विभिन्न चौराहों, दुकानों और बस्तियों में पहुंचकर लोगों से सीधा संवाद किया। टीम के सदस्यों ने ग्रामीणों को बाल श्रम के गंभीर दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से समझाया।

अभिभावकों को जागरूक करते हुए अधिकारियों ने कहा कि चंद पैसों के लिए बच्चों से मजदूरी कराना उनके भविष्य को अंधकारमय बनाता है। यह न केवल उनके शारीरिक और मानसिक विकास को रोकता है, बल्कि कानूनन एक गंभीर और दंडनीय अपराध भी है। टीम ने अभिभावकों को प्रेरित किया कि वे अपने बच्चों को काम पर भेजने के बजाय अनिवार्य रूप से विद्यालय भेजें और शिक्षा के महत्व को समझें।

एसएसबी और एनजीओ टीम की रही सक्रिय सहभागिता

इस महत्वपूर्ण सामाजिक और जन-जागरूकता अभियान में दोनों ही विभागों के जिम्मेदार अधिकारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया निरीक्षक (सामान्य) विशाल कुमार, सहायक उप निरीक्षक (संचार) गौतम सिंह सहित अन्य चार सुरक्षा कार्मिक मुख्य रूप से मुस्तैद रहे।पीजीएसएस एनजीओ टीम से: संस्था के प्रतिनिधि श्रवण कुमार, सुशील कुमार एवं पुष्पा चौधरी ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाते हुए ग्रामीणों को जागरूक किया।

समाज को बाल श्रम मुक्त बनाने का संकल्प

अभियान के समापन पर टीम ने साझा संदेश देते हुए कहा कि कोई भी समाज तब तक तरक्की नहीं कर सकता जब तक उसके नौनिहाल सुरक्षित और शिक्षित न हों। बच्चों का असली स्थान खेतों या दुकानों में मजदूरी करना नहीं, बल्कि स्कूल की बेंच पर बैठकर देश का भविष्य बनना है। इस कुप्रथा को समाज से जड़ से मिटाने के लिए हर नागरिक की सहभागिता बेहद आवश्यक है। टीम के इस प्रयास की स्थानीय प्रबुद्ध वर्ग और ग्रामीणों ने काफी सराहना की।

 

Voice Of News 24

This error message is only visible to WordPress admins

Error: No feed found with the ID 1.

Go to the All Feeds page and select an ID from an existing feed.