सिद्धार्थनगर
बरसात का मौसम नजदीक आते ही सिद्धार्थनगर जनपद में कूड़ा नदी के किनारे बसे गांवों पर एक बार फिर कटान का खतरा मंडराने लगा है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बरसात का मौसम नजदीक आते ही सिद्धार्थनगर जनपद में कूड़ा नदी के किनारे बसे गांवों पर एक बार फिर कटान का खतरा मंडराने लगा है। शुक्रवार को जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने कूड़ा-घोघी तटबंध पर चल रहे कटाव निरोधक (Anti-Erosion) कार्यों का औचक स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान मौके पर काम की कछुआ गति को देखकर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई।
संवेदनशील गांवों का डीएम ने लिया जायजा
जिलाधिकारी ने कूड़ा नदी के बाएं तट पर स्थित तटबंध के किलोमीटर 14.940 से 15.190 के मध्य ग्राम इमिलिया और किलोमीटर 20.040 से 20.290 के मध्य ग्राम मस्जिदिया के पास चल रहे सुरक्षा कार्यों का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के समय मौके पर लांचिंग एप्रन और स्टेप स्लोप पिचिंग का कार्य चलता हुआ मिला, जिसकी रफ्तार बेहद धीमी थी।
ग्रामीणों को सता रहा है तबाही का डर
निरीक्षण के दौरान मौजूद क्षेत्रीय ग्रामीणों ने जिलाधिकारी के सामने अपनी चिंताएं रखीं। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यदि मानसून आने से पहले यह कार्य पूरा नहीं हुआ, तो बरसात में नदी का तेज बहाव और बढ़ा हुआ जलस्तर आसपास की घनी आबादी और सैकड़ों एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि को अपनी चपेट में ले लेगा। गौरतलब है कि कूड़ा नदी के कटान से हर वर्ष तटवर्ती गांवों में तबाही मचती है और कई किसानों की उपजाऊ जमीन नदी में विलीन हो चुकी है।
30 जून तक का समय, पर मानसून सिर पर
अधिशासी अभियंता ने जिलाधिकारी को परियोजना की तकनीकी जानकारी देते हुए बताया कि इस कार्य की शुरुआत 31 मार्च 2026 को हुई थी और इसे 30 जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के तहत
250 मीटर एज क्रेटिंग का कार्य।स्टेप स्लोप पिचिंग और स्लोप पिचिंग।तीन कतारों (रो) में परक्यूपाइन लगाने का कार्य प्रस्तावित है।
हालांकि, जून के मध्य या अंत तक मानसून के दस्तक देने की संभावना को देखते हुए इस समय सीमा पर अब बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।
लापरवाही पर मिलेगी सख्त सजा: जिलाधिकारी
जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और कार्य की प्रगति की कड़ी समीक्षा करते हुए विभागीय इंजीनियरों को दो टूक चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनहित और सुरक्षा से जुड़े इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी कार्यों को उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तय समय सीमा के भीतर हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
निरीक्षण में यह अधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान ड्रेनेज खंड के अधिशासी अभियंता इं. कृपा शंकर भारती, सहायक अभियंता रवि रंजन कुमार, जूनियर इंजीनियर राधेश्याम भारती, जूनियर इंजीनियर राकेश कुमार सहित सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अन्य संबंधित अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) May 15, 2026






















