गुलावठी
बुलंदशहर जनपद के गुलावठी बिजली घर पर उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब करंट की चपेट में आए लाइनमैन रविंद्र की इलाज के दौरान मौत के बाद परिजनों ने शव को बिजली घर के सामने रखकर जोरदार प्रदर्शन किया।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बुलंदशहर जनपद के गुलावठी बिजली घर पर उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब करंट की चपेट में आए लाइनमैन रविंद्र की इलाज के दौरान मौत के बाद परिजनों ने शव को बिजली घर के सामने रखकर जोरदार प्रदर्शन किया। गुस्साए ग्रामीण और परिजन अपनी मांगों को लेकर घंटों अड़े रहे, जिससे मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
एक हफ्ते से चल रहा था संघर्ष
मिली जानकारी के अनुसार, लाइनमैन रविंद्र करीब एक सप्ताह पहले ड्यूटी के दौरान बिजली लाइन पर काम करते समय हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आ गए थे। उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ पिछले एक हफ्ते से उनकी जिंदगी और मौत के बीच जंग चल रही थी। अंततः उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
रविंद्र की मौत की खबर मिलते ही काफी संख्या में ग्रामीण बिजली घर पर एकत्रित हो गए। परिजनों ने बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मांगें रखीं
मृतक के बेटे को सरकारी नौकरी दी जाए।पीड़ित पत्नी को आजीवन पेंशन की सुविधा मिले।मृतक के आश्रितों को 50 लाख रुपये का आर्थिक मुआवजा दिया जाए।
हंगामे की सूचना मिलते ही CO सिकंदराबाद भास्कर कुमार मिश्रा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। उन्होंने आक्रोशित परिजनों को समझाया और बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों से वार्ता की। पुलिस और विभाग की ओर से मांगों को शासन स्तर तक पहुँचाने और नियमानुसार पूरा करने का ठोस आश्वासन मिलने के बाद परिजन शांत हुए। इसके बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए भेजा जा सका।फिलहाल, इस घटना के बाद बिजली विभाग के सुरक्षा मानकों पर एक बार फिर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।
सिद्धार्थनगर: 16 घंटे का ‘मौत से संघर्ष’ खत्म, सेना के हेलीकॉप्टर ने पानी की टंकी से किया दो युवकों का सफल रेस्क्यूhttps://t.co/Mq7mc3onXN
— Voice of News 24 (@VOfnews24) May 3, 2026






















