ब्यूरो रिपोर्ट
नेपाल की राजनीति में आज एक बड़ा भूचाल आ गया। भ्रष्टाचार विरोधी मंच से अपनी पहचान बनाने वाले और हाल ही में नियुक्त हुए गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

नेपाल की राजनीति में आज एक बड़ा भूचाल आ गया। भ्रष्टाचार विरोधी मंच से अपनी पहचान बनाने वाले और हाल ही में नियुक्त हुए गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका यह फैसला व्यवसायी दीपक भट्टा के साथ कथित व्यावसायिक संबंधों और वित्तीय लेनदेन को लेकर उठ रहे विवादों के बाद आया है।
फेसबुक पर की इस्तीफे की घोषणा
सुदन गुरुंग ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज के जरिए जनता को अपने निर्णय की जानकारी दी।
मुझसे जुड़े मामलों में एक निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए, और पद पर रहते हुए हितों के किसी भी टकराव (Conflict of Interest) से बचने के लिए मैंने आज गृह मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है। मेरे लिए नैतिकता पद से बड़ी है और जनविश्वास से बड़ी कोई शक्ति नहीं है।
क्या है पूरा विवाद?
पिछले कुछ दिनों से सुदन गुरुंग की शेयर बाजार में निवेश और उनकी संपत्ति को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे। गुरुंग पर आरोप है कि उनके संबंध विवादित व्यवसायी दीपक भट्टा के साथ हैं, जिन पर वर्तमान में मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोपों की जांच चल रही है।
शेयरों में निवेश: हालिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि गुरुंग ने दीपक भट्टा के समूह वाली कंपनियों और माइक्रो-इंश्योरेंस फर्मों में प्रमोटर शेयर खरीदे थे। हालांकि सोमवार को उन्होंने इन आरोपों को महज ‘अफवाह’ बताया था, लेकिन बढ़ते सार्वजनिक और राजनीतिक दबाव के बाद उन्होंने पद छोड़ना ही बेहतर समझा।
Gen Z आंदोलन और नई सरकार को झटका
सुदन गुरुंग पिछले साल नेपाल में हुए Gen Z प्रदर्शनों के एक प्रमुख चेहरे थे, जिसने पुरानी सरकार को उखाड़ फेंका था। वह भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस के वादे के साथ सत्ता में आए थे।
मात्र 26 दिन का कार्यकाल: गुरुंग ने 27 मार्च 2026 को पद की शपथ ली थी। गृह मंत्री बनते ही उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली सहित कई बड़े नेताओं के खिलाफ कार्रवाई कर सुर्खियां बटोरी थीं।
प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया: प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह (बालेन) के प्रेस सलाहकार के अनुसार, इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। फिलहाल गृह मंत्रालय का कार्यभार स्वयं प्रधानमंत्री देखेंगे।
राजनीतिक गलियारों में हलचल
विपक्षी दलों नेपाली कांग्रेस राप्रपा और सीपीएन-यूएमएल ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज कर दी थी। सुदन गुरुंग का इस्तीफा इस नई सरकार के लिए एक बड़ा नैतिक झटका माना जा रहा है, जो सुशासन और पारदर्शिता के दावे के साथ सत्ता में आई थी।
UP में 17 विशेष सचिव के तबादले pic.twitter.com/qInmTcJXqf
— Voice of News 24 (@VOfnews24) April 21, 2026





















