बलिया: मॉडिफाइड साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न पर परिवहन विभाग सख्त; गैराज संचालकों पर लगेगा 1 लाख तक का जुर्माना

बलिया

बलिया जनपद में ध्वनि प्रदूषण और सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने अब तक का सबसे कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बलिया जनपद में ध्वनि प्रदूषण और सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने अब तक का सबसे कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश के निर्देशानुसार सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी अरुण कुमार राय ने जनपद के डीलरों, मोटर गैराज और वर्कशॉप संचालकों के साथ बैठक कर स्पष्ट चेतावनी दी है कि वाहनों में अवैध मॉडिफिकेशन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अवैध मॉडिफिकेशन पर भारी जुर्माना और जेल

बैठक में अधिकारियों ने मोटरयान अधिनियम, 1988 के तहत कड़े प्रावधानों की जानकारी दी। अब केवल वाहन मालिक ही नहीं, बल्कि मॉडिफिकेशन करने वाले गैराज भी कार्रवाई के दायरे में होंगे।

गैराज संचालकों पर शिकंजा

यदि कोई वर्कशॉप या गैराज मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न या हूटर बेचते या लगाते पाया गया, तो धारा 182A(3) के तहत प्रति केस 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

वाहन मालिकों के लिए सजा

अनधिकृत बदलाव करने पर छह माह की जेल या 5,000 रुपये जुर्माना, अथवा दोनों हो सकते हैं।

प्रदूषण फैलाने पर कार्रवाई: ध्वनि या वायु प्रदूषण मानकों का उल्लंघन करने पर 10,000 रुपये जुर्माना और 3 माह के लिए ड्राइविंग लाइसेंस (DL) निलंबित किया जा सकता है।

सस्पेंड होगी वाहन की आरसी (RC)

परिवहन विभाग ने साफ किया है कि जिन वाहनों का चालान पहले ही अवैध साइलेंसर के लिए हो चुका है और वे फिर भी नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, उनकी आरसी को धारा 53(1) के तहत निलंबित करने की कार्रवाई प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी।

सड़क सुरक्षा और शांति के लिए पहल

ARTO अरुण कुमार राय ने कहा कि प्रेशर हॉर्न और मॉडिफाइड साइलेंसर से निकलने वाली तेज आवाज न केवल ध्वनि प्रदूषण फैलाती है, बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य चालकों का ध्यान भटकाकर हादसों को भी न्योता देती है। परिवहन विभाग ने सभी वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे अपने वाहनों को कंपनी द्वारा निर्धारित मानकों पर ही रखें और किसी भी प्रकार के अवैध उपकरणों का प्रयोग न करें।

 

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