यूपी के किसानों को सीएम योगी की बड़ी सौगात, गेहूं खरीद के लिए अब फार्मर रजिस्ट्री जरूरी नहीं

लखनऊ

उत्तर प्रदेश में गेहूं की पैदावार कर रहे करोड़ों किसानों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

उत्तर प्रदेश में गेहूं की पैदावार कर रहे करोड़ों किसानों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गेहूं खरीद प्रक्रिया को और अधिक सरल और सुलभ बनाने के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। अब प्रदेश के किसानों को सरकारी केंद्रों पर अपना गेहूं बेचने के लिए फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता का सामना नहीं करना पड़ेगा।

तत्काल प्रभाव से लागू हुआ फैसला

मुख्यमंत्री ने किसानों को होने वाली तकनीकी और प्रशासनिक असुविधाओं को गंभीरता से लेते हुए यह आदेश जारी किया है। सरकार की मंशा है कि कोई भी किसान पंजीकरण या तकनीकी बाधाओं के कारण अपनी फसल बेचने से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों (DMs) को इस निर्णय को तत्काल प्रभाव से लागू करने के कड़े निर्देश दिए हैं।

सीधी खरीद: अब किसान बिना फार्मर रजिस्ट्री के भी सीधे सरकारी क्रय केंद्रों पर जाकर अपना गेहूं बेच सकेंगे।

सरल प्रक्रिया: इस निर्णय के बाद खरीद प्रक्रिया से जुड़े जटिल दस्तावेजीकरण में कमी आएगी, जिससे केंद्रों पर भीड़ कम होगी और समय की बचत होगी।

बिचौलियों पर लगाम: प्रक्रिया के सरल होने से किसान सीधे सरकार से जुड़ सकेंगे, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और उन्हें अपनी उपज का लाभकारी मूल्य (MSP) मिल सकेगा।

क्यों लिया गया यह निर्णय?

हाल के दिनों में कई जनपदों से यह शिकायतें आ रही थीं कि ‘फार्मर रजिस्ट्री’ की प्रक्रिया पूरी न होने के कारण किसानों को केंद्रों पर घंटों इंतजार करना पड़ रहा था या उन्हें फसल वापस ले जानी पड़ रही थी। किसानों की इसी पीड़ा को देखते हुए सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया है।

किसानों में खुशी की लहर

सरकार के इस निर्णय का प्रदेश भर के किसान संगठनों और आम किसानों ने स्वागत किया है। किसानों का कहना है कि कटाई और मड़ाई के इस व्यस्त समय में इस तरह की रियायत से उन्हें आर्थिक और मानसिक दोनों तरह की राहत मिलेगी। प्रशासन ने अब सभी क्रय केंद्र प्रभारियों को सतर्क रहने को कहा है ताकि गेहूं की तौल में तेजी लाई जा सके।

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