लखनऊ
उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर को लेकर बढ़ते विवाद और उपभोक्ताओं की शिकायतों के बीच प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने स्थिति स्पष्ट की है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर को लेकर बढ़ते विवाद और उपभोक्ताओं की शिकायतों के बीच प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने स्थिति स्पष्ट की है। मीटरों में आ रही तकनीकी खराबी और गलत रीडिंग की शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए मंत्री ने कड़े निर्देश जारी किए हैं।
82 लाख मीटरों की तकनीकी जांच के लिए कमेटी गठित
ऊर्जा मंत्री ने जानकारी दी कि प्रदेश में अब तक लगभग 82 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। हालांकि, बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने मीटर की तेज रफ्तार और तकनीकी खामियों को लेकर चिंता जताई है।
तकनीकी समिति का गठन: शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए एक उच्च स्तरीय तकनीकी समिति बनाई गई है, जो मीटरों की गुणवत्ता और कार्यप्रणाली की जांच करेगी।
काम पर रोक: मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जब तक समिति अपनी रिपोर्ट नहीं सौंप देती, तब तक स्मार्ट मीटर से संबंधित काम को निलंबित रखा जाएगा।
उपभोक्ताओं को बड़ी राहत: ‘जीरो बैलेंस’ पर भी नहीं कटेगी बिजली
स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए सबसे बड़ी राहत की खबर देते हुए ए.के. शर्मा ने कनेक्शन काटने के नियमों में बदलाव की घोषणा की है।
3 दिन की मोहलत: यदि किसी उपभोक्ता का बैलेंस शून्य (Zero) हो जाता है, तो भी बिजली विभाग तत्काल कनेक्शन नहीं काटेगा।
उपभोक्ता को रिचार्ज करने के लिए 3 दिन का समय दिया जाएगा, ताकि बैलेंस खत्म होने की स्थिति में अंधेरे का सामना न करना पड़े।
पारदर्शिता पर सरकार का जोर
ऊर्जा मंत्री ने आश्वस्त किया कि सरकार उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि तकनीक का उद्देश्य जनता की सुविधा बढ़ाना है, न कि उन्हें परेशान करना। तकनीकी समिति की रिपोर्ट आने के बाद आगे का रोडमैप तैयार किया जाएगा ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) April 20, 2026























