भनवापुर
सिद्धार्थनगर जनपद के भनवापुर ब्लॉक कार्यालय में आज गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया जब एंटी करप्शन की टीम ने एक कनिष्ठ सहायक को रंगे हाथ रिश्वत लेते हुए दबोच लिया।

सिद्धार्थनगर जनपद के भनवापुर ब्लॉक कार्यालय में आज गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया जब एंटी करप्शन की टीम ने एक कनिष्ठ सहायक को रंगे हाथ रिश्वत लेते हुए दबोच लिया। आरोपी कर्मचारी आंगनवाड़ी सहायिका के पद पर नियुक्ति दिलाने के नाम पर 15 हजार रुपये की मांग कर रहा था।
जानकारी के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान मनीष कुमार (उर्फ मनीष यादव) पुत्र सुभाष चंद्र के रूप में हुई है। मनीष मूल रूप से संतकबीरनगर के धनघटा थाना क्षेत्र का निवासी है और वर्तमान में भनवापुर ब्लॉक में कनिष्ठ सहायक के पद पर तैनात था। आरोप है कि उसने शिकायतकर्ता रविंद्र कुमार से उनकी पत्नी को आंगनवाड़ी सहायिका के पद पर नियुक्त कराने के एवज में रुपयों की मांग की थी।
शिकायतकर्ता रविंद्र कुमार ने बताया कि मनीष यादव नियुक्ति के लिए लगातार पैसों का दबाव बना रहा था, जिससे परेशान होकर उन्होंने इसकी शिकायत बस्ती मंडल की एंटी करप्शन टीम से की। टीम ने मामले का सत्यापन किया और गुरुवार को जाल बिछाया। जैसे ही रविंद्र ने ब्लॉक कार्यालय में मनीष को 15 हजार रुपये की रकम सौंपी, पहले से तैयार टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
अचानक हुई इस छापेमारी और गिरफ्तारी से बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग सहित पूरे ब्लॉक परिसर में अफरा-तफरी मच गई। कई कर्मचारी कार्यालय छोड़कर खिसकते नजर आए। भ्रष्टाचार निवारण संगठन की इस कार्रवाई ने एक बार फिर प्रशासनिक गलियारों में व्याप्त भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है।
गिरफ्तारी के बाद एंटी करप्शन टीम आरोपी मनीष को लेकर कोतवाली बांसी पहुँची, जहाँ उसके विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस अब आरोपी के विरुद्ध विधिक कार्यवाही पूर्ण कर उसे न्यायालय भेजने की तैयारी कर रही है।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) April 16, 2026






















