बुलंदशहर: दानपुर में बंदरों का खौफ, गलियों में निकलना हुआ मुहाल, वन विभाग मौन

बुलंदशहर

बुलंदशहर जनपद के दानपुर गांव में इन दिनों बंदरों का आतंक अपनी चरम सीमा पर है। स्थिति यह है कि स्थानीय निवासी अपने ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं। पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।


बुलंदशहर जनपद के दानपुर गांव में इन दिनों बंदरों का आतंक अपनी चरम सीमा पर है। स्थिति यह है कि स्थानीय निवासी अपने ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं। ग्रामीणों के अनुसार, बंदरों के 50 से 60 के झुंड न केवल राहगीरों पर हमला कर रहे हैं, बल्कि महिलाओं और बच्चों को भी निशाना बना रहे हैं।

रोजाना अस्पताल पहुँच रहे हैं पीड़ित

बंदरों के बढ़ते हमलों की पुष्टि करते हुए दानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. नवल किशोर ने बताया कि अस्पताल में औसतन रोजाना 3 से 4 लोग बंदरों के काटने का इलाज कराने पहुँच रहे हैं, जिन्हें एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाया जा रहा है। बंदरों के हमले में कई बच्चे अब तक गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं।

प्रशासनिक अनदेखी से आक्रोश

स्थानीय निवासी रमेश चंद, ओम प्रकाश, अशोक गुप्ता, सौरभ गुप्ता और टीटू भैया ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि बंदरों का आतंक इतना बढ़ गया है कि लोग गलियों में निकलने से कतरा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस संबंध में कई बार वन विभाग को लिखित और मौखिक शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और संबंधित विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द इन बंदरों को पकड़वाकर जंगल में छुड़वाया जाए, ताकि किसी बड़ी अनहोनी को रोका जा सके।

 

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