अनूपशहर: विराट हिंदू सम्मेलन में गूँजा एकता का मंत्र, महामंडलेश्वर बोले— “जाति-संपत्ति नहीं, कर्म से होता है मूल्यांकन”

बुलंदशहर

बुलंदशहर जनपद के अनूपशहर के दुर्गा प्रसाद बलजीत सिंह महाविद्यालय के मैदान में शनिवार को ‘सतलुज एवं सिद्ध बस्ती सफल हिंदू समाज समिति’ द्वारा एक भव्य विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया।

बुलंदशहर जनपद के अनूपशहर के दुर्गा प्रसाद बलजीत सिंह महाविद्यालय के मैदान में शनिवार को ‘सतलुज एवं सिद्ध बस्ती सफल हिंदू समाज समिति’ द्वारा एक भव्य विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस गौरवशाली समागम का मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित करना, सांस्कृतिक चेतना को जागृत करना और आपसी एकता को सुदृढ़ बनाना रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी सेवक चंद्र गुप्ता ने की।

संतों और विद्वानों का मिला सानिध्य

सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य अतिथि महामंडलेश्वर सुरेंद्रानंद गिरी महाराज (पंचायती महानिर्वाणी), विशिष्ट अतिथि प्रसिद्ध कथावाचक पूज्य अरविंद भाई ओझा, मुख्य वक्ता सह-विभाग प्रचारक देशराज और समिति अध्यक्ष सेवक चंद्र गुप्ता ने माँ भारती के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया।

भेदभाव मिटाने का आह्वान

मुख्य अतिथि महामंडलेश्वर सुरेंद्रनंद गिरी ने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा कि “किसी भी व्यक्ति का वास्तविक मूल्यांकन उसकी जाति, भाषा, संपत्ति या सामाजिक पद के आधार पर नहीं, बल्कि उसके चरित्र और कर्मों के आधार पर किया जाना चाहिए।” उन्होंने हिंदू समाज से ऊंच-नीच के भेदभाव को त्याग कर राष्ट्रहित में एकजुट होने की अपील की।

इस अवसर पर प्रधानाचार्य जी.के. सिंह, डिबाई विधायक के भाई चरण सिंह, हेमंत शर्मा, नीतीश सैनी, दुर्गेश त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और हिंदू समाज के सदस्य उपस्थित रहे।

 

 

Voice Of News 24