बुलन्दशहर
बुलन्दशहर जनपद के नवरंग काव्य संस्थान के तत्वावधान में सरस्वती विद्या मंदिर, बैलोंन में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में देश के प्रख्यात कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बुलन्दशहर जनपद के नवरंग काव्य संस्थान के तत्वावधान में सरस्वती विद्या मंदिर, बैलोंन में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में देश के प्रख्यात कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम में वीर, श्रृंगार, हास्य और राष्ट्रभक्ति के विविध रंगों का अनूठा संगम देखने को मिला।

काव्य प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कवि सम्मेलन में रंजन मधुकर की पंक्तियों— “अब ना लौटेंगे मेरे बचपन वाले पल, कहाँ गया इमली का बूटा, खट्टे-मीठे फल” ने सभी को बचपन की यादों में डुबो दिया। वहीं, अनुराग तिवारी ने राष्ट्रभक्ति जगाते हुए पढ़ा— “तिरंगा हो कफन मेरा, यही अरमान जिंदा है।” झांसी से आए गोपाल बावला ने अपनी हास्य रचनाओं से श्रोताओं को ठहाके लगाने पर मजबूर किया, तो दिव्यहंस दीपक ने विवेकानंद के विचारों से प्रेरित दर्शन प्रस्तुत किया। प्रशांत सत्यम की मार्मिक पंक्तियों और शिवकुमार ‘अमन’ के भक्ति रस ने वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया।
प्रमुख उपस्थिति
कार्यक्रम की अध्यक्षता शिवशंकर शर्मा ने की। मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व चेयरमैन विवेक वशिष्ठ और सुशील कुमार भारद्वाज उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में नवीन कुमार शर्मा, विनय शर्मा और प्रधानाचार्य पुरुषोत्तम शर्मा ने कवियों का उत्साहवर्धन किया।
आयोजकों ने अंत में कहा कि साहित्य और संस्कृति को जीवित रखने के लिए ऐसे आयोजन सामाजिक चेतना का आधार हैं।
मगहर महोत्सव-2026 का भव्य आगाज: सामाजिक समरसता और भक्ति का संगमhttps://t.co/9veTYyQ3Sd
— Voice of News 24 (@VOfnews24) January 29, 2026



















