बलरामपुर: 11 करोड़ के ‘मिड-डे मील’ घोटाले में बड़ी कार्रवाई, पुलिस ने 3 और आरोपियों को दबोचा,ऐसे होता था बंदरबांट

बलरामपुर

उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जनपद में मध्यान्ह भोजन योजना के बजट में सेंध लगाने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जनपद में मध्यान्ह भोजन योजना के बजट में सेंध लगाने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। 11 करोड़ रुपये से अधिक के इस महाघोटाले में कोतवाली नगर पुलिस ने बुधवार को तीन और मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।

आज हुई इन अभियुक्तों की गिरफ्तारी

पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने पचपेड़वा क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से आरोपियों को गिरफ्तार किया

वकील अहमद नूरी: पुत्र अब्दुल समद (निवासी घैसहवा, पचपेड़वा)

मो0 मुख्तार: पुत्र साहेवजाद (निवासी मध्यनगर, पचपेड़वा)

मो0 नजीर: पुत्र रहमतुल्ला (निवासी बरगदवा, पचपेड़वा)

कैसे होता था 11 करोड़ का गबन? (मोडस ऑपेरंडी)

पूछताछ में आरोपियों ने घोटाले की जो परतें खोली हैं, वह चौंकाने वाली हैं। गिरोह का मास्टरमाइंड तत्कालीन डीसी एमडीएम फिरोज अहमद खान था। गबन का खेल तीन चरणों में खेला जाता था। गिरोह आईवीआरएस पोर्टल से छात्रों की संख्या निकालकर ‘कन्वर्जन कास्ट’ की गणना करता था और एक एक्सेल शीट तैयार की जाती थी। इस शीट को बीएसए और वित्त लेखा अधिकारी से पास कराकर जिलाधिकारी से अनुमोदित कराया जाता था।असली खेल अनुमोदन के बाद होता था। जिलाधिकारी द्वारा स्वीकृत मूल एक्सेल शीट को पोर्टल पर अपलोड करने के बजाय, आरोपी उसमें कूटरचना करते थे। वे अपने सहयोगी विद्यालयों के खातों में धनराशि बढ़ा देते थे और अन्य स्कूलों के बजट में उतनी ही कटौती कर देते थे, ताकि कुल राशि DM द्वारा स्वीकृत राशि के बराबर ही रहे और किसी को शक न हो।बढ़ी हुई अतिरिक्त राशि को प्रधानाध्यापक, ग्राम प्रधान और समिति के अध्यक्ष मिलीभगत कर निकाल लेते थे और आपस में बांट लेते थे।

अब तक 12 आरोपी जा चुके हैं जेल

इस बहुचर्चित मामले में अब तक कुल 12 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पूर्व में मुख्य आरोपी फिरोज अहमद खान सहित 9 लोगों को जेल भेजा जा चुका है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शुभम शुक्ला की तहरीर पर दर्ज इस मुकदमे में कुल 45 लोगों को नामजद किया गया था।

पुलिस टीम की सफलता

अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय और क्षेत्राधिकारी नगर ज्योति श्री के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व वाली टीम ने इस गिरफ्तारी को अंजाम दिया। पुलिस शेष 33 आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगातार दबिश दे रही है।

 

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