बुलंदशहर: ठेकों पर ही बनती थी ‘मौत’ की शराब, गिरोह का भंडाफोड़, 3 आरोपी गिरफ्तार, मिलावट का तरीका जान पुलिस भी दंग

बुलंदशहर

बुलंदशहर जनपद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) दिनेश कुमार सिंह के नेतृत्व में चलाए जा रहे जीरो टॉलरेंस अभियान के तहत अरनिया पुलिस और स्वाट टीम देहात को बड़ी सफलता हाथ लगी है।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बुलंदशहर जनपद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) दिनेश कुमार सिंह के नेतृत्व में चलाए जा रहे जीरो टॉलरेंस अभियान के तहत अरनिया पुलिस और स्वाट टीम देहात को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने जहरीली और नकली शराब बनाने वाले एक ऐसे शातिर गिरोह को दबोचा है, जिसमें खुद शराब के ठेके के सेल्समैन ही मुख्य सूत्रधार थे।

घेराबंदी कर तीन आरोपी गिरफ्तार

पुलिस टीम ने खुरियावली गांव के पास बंबा कैंची पुल के निकट घेराबंदी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान कौशिन्द्र राघव, श्रीकांत शर्मा और धर्मेंद्र (सभी निवासी बुलंदशहर) के रूप में हुई है।नकली शराब की 09 पेटी अपमिश्रित (मिलावटी) शराब और 48 ‘मिस इंडिया’ मार्का के नकली रैपर और एक ऑटोमैटिक पैकिंग मशीन। शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले खतरनाक केमिकल, उपकरण और एक कार।

सेल्समैन ही निकले ‘गुनाहगार’: ऐसे देते थे वारदात को अंजाम

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने जो खुलासा किया, वह चौंकाने वाला है। श्रीकांत और धर्मेंद्र अलग-अलग शराब के ठेकों पर सेल्समैन के रूप में कार्यरत थे।

सिरिंज से चोरी: रात के अंधेरे में ये सेल्समैन ठेके में रखी असली देशी शराब (फ्रूटी पैक) से सिरिंज के जरिए थोड़ी-थोड़ी शराब निकालते थे।

खतरनाक मिलावट: निकाली गई असली शराब को कौशिन्द्र के साथ मिलकर एक बड़े बर्तन में जमा किया जाता था। फिर इसमें जानलेवा केमिकल मिलाकर मात्रा बढ़ाई जाती थी।

पैकेजिंग और बिक्री: इस नकली मिश्रण को नए रैपर और मशीन की मदद से पैक कर फिर से ठेकों और अन्य ठिकानों पर ऊंचे दामों में खपा दिया जाता था।

पुलिस की चेतावनी

SSP ने बताया कि यह गिरोह न केवल राजस्व को चूना लगा रहा था, बल्कि लोगों की जान से भी खिलवाड़ कर रहा था। आरोपियों के खिलाफ थाना अरनिया में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब उन ठिकानों की जांच कर रही है, जहां यह नकली शराब सप्लाई की गई थी।

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