इंदौर
देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में इन दिनों ‘स्वच्छता’ के दावों की धज्जियां उड़ रही हैं। शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल पीने से अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में इन दिनों ‘स्वच्छता’ के दावों की धज्जियां उड़ रही हैं। शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल पीने से अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है और 212 लोग जिंदगी और मौत के बीच अस्पतालों में जूझ रहे हैं। लेकिन इस मानवीय त्रासदी के बीच प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का एक विवादित बयान सामने आया है, जिसने जनता के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है।
क्या है पूरा विवाद?
बुधवार को जब NDTV के पत्रकार ने नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से इन मौतों और गंदे पानी की सप्लाई को लेकर सवाल पूछा, तो मंत्री जी अपना आपा खो बैठे। उन्होंने न केवल सवाल को नजरअंदाज किया, बल्कि पत्रकार से बेहद तीखे लहजे में कहा— “फोकट प्रश्न मत पूछो।” हैरानी की बात यह है कि यह बयान उस विभाग के मंत्री की ओर से आया है, जिसके कंधे पर शहर को साफ पानी मुहैया कराने की सीधी जिम्मेदारी है।
अहंकार की ‘घंटी’ और मर्यादा की सीमा
सूत्रों के अनुसार, मंत्री ने कैमरे के सामने कुछ आपत्तिजनक शब्दों का भी इस्तेमाल किया, जिसे लेकर पत्रकारिता जगत और सोशल मीडिया पर भारी नाराजगी देखी गई। एक तरफ अस्पतालों में बेड कम पड़ रहे हैं, परिजन अपनों के शव लेकर खड़े हैं, और दूसरी तरफ जिम्मेदार मंत्री इन सवालों को ‘फालतू’ या ‘फोकट’ बता रहे हैं।
महराजगंज : विधायक जयमंगल कन्नौजिया ने 250 महिलाओं को बांटी सिलाई मशीन,विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना से आत्मनिर्भर बन रही हैं बेटियांhttps://t.co/xNHFqkBoEj
— Voice of News 24 (@VOfnews24) December 31, 2025



















