महराजगंज: ‘स्वास्थ्य विभाग की रीढ़’ कही जाने वाली आशा बहुओं का हल्ला बोल, कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर मांगा हक

महराजगंज

महराजगंज जनपद में अपनी 19 साल पुरानी मांगों और बढ़ती महंगाई के बीच कम मानदेय से त्रस्त आशा कार्यकत्रियों और आशा संगिनियों ने आज मंगलवार को जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

महराजगंज जनपद में अपनी 19 साल पुरानी मांगों और बढ़ती महंगाई के बीच कम मानदेय से त्रस्त आशा कार्यकत्रियों और आशा संगिनियों ने आज मंगलवार को जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया।आंदोलनरत महिलाओं ने जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा और चेताया कि यदि जल्द सुनवाई नहीं हुई, तो वे प्रदेशव्यापी कार्य बहिष्कार को बाध्य होंगी।

“2006 वाली प्रोत्साहन राशि में कैसे चले घर?”

जिला अध्यक्ष जमीरुन निशा ने कलेक्ट्रेट परिसर में मीडिया से बात करते हुए अपना दर्द साझा किया। उन्होंने कहा कि उनकी नियुक्ति वर्ष 2006 में हुई थी। विडंबना यह है कि पिछले 19 वर्षों में महंगाई आसमान छू गई, लेकिन आशा बहनों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि आज भी वहीं खड़ी है। इस अल्प राशि से परिवार का भरण-पोषण करना अब नामुमकिन हो गया है।

प्रमुख मांगें: राज्य कर्मचारी का दर्जा और न्यूनतम मजदूरी

ज्ञापन के माध्यम से आशा बहनों ने सरकार के सामने अपनी प्रमुख मांगें रखी हैं:

राज्य कर्मचारी का दर्जा: आशा कार्यकत्री और संगिनियों को राज्य कर्मचारी घोषित किया जाए।

निश्चित मानदेय: केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी के अनुरूप एक फिक्स वेतन दिया जाए।

सामाजिक सुरक्षा: सभी आशा परिवारों के लिए आयुष्मान कार्ड, 10 लाख का दुर्घटना बीमा और मृत्यु के बाद आश्रितों को नौकरी की व्यवस्था हो।

योजनाओं का लाभ: ‘आभा कार्ड’ की प्रोत्साहन राशि सीधे खातों में भेजी जाए और ‘प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना’ का कार्यभार पुनः आशाओं को सौंपा जाए।

“मेहनत हमारी, श्रेय दूसरों का”

प्रदर्शनकारी महिलाओं ने आक्रोश जताते हुए कहा कि वे स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ की हड्डी हैं। गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण से लेकर प्रसव, टीकाकरण और परिवार नियोजन जैसी सरकारी योजनाओं को वे घर-घर पहुँचाती हैं। बावजूद इसके, उनके कार्यों का श्रेय अक्सर अन्य विभागों को दे दिया जाता है, जो उनके साथ सरासर अन्याय है।

कार्य बहिष्कार की चेतावनी

आशा बहनों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे काम बंद कर धरना-प्रदर्शन शुरू कर देंगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।इस विरोध प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष जमीरुन निशा के साथ कुसुम देवी, सारिका देवी, सीमा देवी, मांतिरा देवी, दीप माला, लक्ष्मी देवी, नीलम, विनीता शर्मा, पर्मिला, पान्मति, मंजू समेत भारी संख्या में आशा बहनें उपस्थित रहीं।

 

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