UP Assembly: विधानसभा में गूंजी डॉ. रागिनी सोनकर की आवाज, बिजली संकट और बिलों की समस्या पर सरकार से पूछे तीखे सवाल

लखनऊ

उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान जौनपुर की मछलीशहर सीट से समाजवादी पार्टी की विधायक डॉ. रागिनी सोनकर ने बिजली की किल्लत और उपभोक्ताओं को होने वाली परेशानियों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान जौनपुर की मछलीशहर सीट से समाजवादी पार्टी की विधायक डॉ. रागिनी सोनकर ने बिजली की किल्लत और उपभोक्ताओं को होने वाली परेशानियों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। अपने प्रखर संबोधन में उन्होंने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बिजली की अघोषित कटौती और बढ़ते बिलों को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा किया।

“बिजली आती नहीं, लेकिन बिल बढ़कर आता है”: रागिनी सोनकर

डॉ. रागिनी सोनकर ने सदन में जनता की पीड़ा को रखते हुए कहा कि आज प्रदेश का आम नागरिक बिजली की समस्या से त्रस्त है। उन्होंने अपने संबोधन में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया:

अघोषित बिजली कटौती: उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीण इलाकों में रोस्टर के अनुसार बिजली नहीं मिल रही है, जिससे किसानों की सिंचाई और छात्रों की बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी प्रभावित हो रही है।

त्रुटिपूर्ण बिलिंग: विधायक ने कहा कि बिजली की आपूर्ति भले ही बाधित रहे, लेकिन उपभोक्ताओं को भारी-भरकम और गलत बिल भेजे जा रहे हैं, जिन्हें ठीक कराने के लिए गरीब जनता दफ्तरों के चक्कर काट रही है।

स्मार्ट मीटर पर सवाल: उन्होंने स्मार्ट मीटरों की कार्यप्रणाली और उनकी तेज रफ्तार पर भी सवाल उठाते हुए जनता के शोषण की बात कही।

सदन में दिखा आक्रामक रुख

सपा विधायक ने सरकार से मांग की कि बिजली विभाग के अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और ट्रांसफार्मर जलने पर उन्हें बदलने की समय सीमा का सख्ती से पालन हो। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार ’24 घंटे बिजली’ का दावा करती है, वहीं धरातल पर बिजली की आंख-मिचौली जारी है।

जनता की समस्याओं का किया प्रतिनिधित्व

डॉ. रागिनी सोनकर के इस संबोधन को विपक्ष ने पुरजोर समर्थन दिया। उनके तर्कों ने सदन में सत्ता पक्ष को असहज कर दिया, विशेषकर जब उन्होंने बिजली विभाग के भ्रष्टाचार और लाइनमैनों की कमी का मुद्दा उठाया।

 

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