देवदूत बनी बलरामपुर पुलिस: कड़ाके की ठंड और घने कोहरे में भटक रहे 2 साल के मासूम को मिलाया माता-पिता से

बलरामपुर

बलरामपुर जनपद के कोतवाली देहात में भीषण ठंड और विजिबिलिटी को शून्य कर देने वाले घने कोहरे के बीच आज बलरामपुर पुलिस का एक मानवीय चेहरा सामने आया।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।


बलरामपुर जनपद के कोतवाली देहात में भीषण ठंड और विजिबिलिटी को शून्य कर देने वाले घने कोहरे के बीच आज बलरामपुर पुलिस का एक मानवीय चेहरा सामने आया। सड़क पर रास्ता भटक कर ठंड से ठिठुर रहे एक दो वर्षीय मासूम को कोतवाली देहात पुलिस ने न केवल सुरक्षित बचाया, बल्कि कड़ी मशक्कत के बाद उसे उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।

डायल-112 पर मिली थी सूचना आज दिनांक 23 दिसंबर को पुलिस को डायल-112 के माध्यम से सूचना मिली कि एक छोटा बच्चा घने कोहरे के बीच सड़क पर अकेला घूम रहा है। सूचना मिलते ही पीआरवी-5037 पर तैनात कांस्टेबल रोहित मिश्रा और चालक राधारमण वर्मा तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि बच्चा बुरी तरह डरा हुआ और ठंड से कांप रहा था। टीम ने बिना देर किए बच्चे को सुरक्षित थाना कोतवाली देहात पहुँचाया।

महिला हेल्प डेस्क पर मिली ममता की छाँव बच्चा इतना छोटा था कि वह अपने परिजनों या घर के बारे में कुछ भी बताने में असमर्थ था। पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उसे महिला हेल्प डेस्क पर तैनात हेड कांस्टेबल रीना की देखरेख में रखा। बच्चे को ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़ों और खाने-पीने की तत्काल व्यवस्था की गई।

मिशन शक्ति टीम ने खोज निकाला ठिकाना परिजनों की तलाश के लिए मिशन शक्ति टीम के उपनिरीक्षक हरिश्चन्द्र चौधरी और महिला कांस्टेबल आरती सिंह ने मोर्चा संभाला। आसपास के गांवों और सोशल मीडिया ग्रुप्स के जरिए सूचना प्रसारित की गई। कड़ी मेहनत के बाद पता चला कि बच्चा ग्राम सेखुईकला का रहने वाला है।

परिजनों की आँखों में आए खुशी के आँसू आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बच्चे को उसके पिता दद्दू विश्वकर्मा और माता उर्मिला को सौंप दिया गया। अपने लाडले को सुरक्षित पाकर माता-पिता की आँखों में खुशी के आँसू छलक आए। उन्होंने बलरामपुर पुलिस की तत्परता और इस नेक कार्य के लिए तहे दिल से आभार व्यक्त किया।

 

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