थोरंगला पास की बर्फीली चोटियों पर लहराया तिरंगा: भारतीय पर्वतारोही ने -20 डिग्री में रचा इतिहास

ब्यूरो रिपोर्ट

पर्वतीय क्षेत्र दुनिया के सबसे दुर्गम और ऊँचे ट्रेकिंग पासों में शुमार ‘थोरंगला पास’ पर भारत का मान बढ़ाते हुए एक जांबाज पर्वतारोही ने तिरंगा लहराकर देश का नाम रोशन किया है।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।


पर्वतीय क्षेत्र दुनिया के सबसे दुर्गम और ऊँचे ट्रेकिंग पासों में शुमार ‘थोरंगला पास’ पर भारत का मान बढ़ाते हुए एक जांबाज पर्वतारोही ने तिरंगा लहराकर देश का नाम रोशन किया है। शून्य से भी नीचे -20 डिग्री सेल्सियस के भीषण तापमान और हाड़ कंपाने वाली ठंड के बीच यह साहसिक उपलब्धि हासिल की गई।

9 दिनों में 170 किलोमीटर का चुनौतीपूर्ण सफर
इस साहसिक यात्रा के दौरान पर्वतारोही ने कुल 9 दिनों में 170 किलोमीटर की लंबी और जोखिम भरी दूरी तय की। इस सफर में उन्होंने खिचो आइस लेक और मनांग जैसे विश्व प्रसिद्ध लेकिन बेहद कठिन स्थानों को पार किया। चुनौतीपूर्ण कैंपिंग और बर्फीले रास्तों के बीच उनकी यह यात्रा शारीरिक और मानसिक दृढ़ता की एक बड़ी परीक्षा थी।

नए साल में विश्व रिकॉर्ड बनाने का संकल्प
तिरंगा लहराने के बाद पर्वतारोही ने संदेश देते हुए कहा कि यह सफलता उनके माता-पिता के आशीर्वाद और प्रशंसकों की दुआओं का परिणाम है। इस वर्ष का समापन एक बड़ी उपलब्धि के साथ करने के बाद, उन्होंने आने वाले नए साल (2026) में पर्वतारोहण के क्षेत्र में कई नए विश्व रिकॉर्ड बनाने का संकल्प लिया है।

उन्होंने बताया कि -16 से -20 डिग्री के तापमान में कैंपिंग का अनुभव उनके आने वाले बड़े मिशनों के लिए एक नींव का काम करेगा। बुलंद हौसलों के साथ अब उनकी नजरें विश्व की अन्य ऊँची चोटियों पर तिरंगा फहराने पर टिकी हैं।

 

 

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