बाराबंकी: सिंचाई विभाग की लापरवाही से फूटी माइनर, जलमग्न हुई किसानों की सैकड़ों बीघा फसल

बाराबंकी

उत्तर प्रदेश के जनपद बाराबंकी में सिंचाई विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। तहसील सिरौलीगौसपुर के पीठापुर गांव में माइनर (नहर) कटने से पानी खेतों में घुस गया है।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

उत्तर प्रदेश के जनपद बाराबंकी में सिंचाई विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। तहसील सिरौलीगौसपुर के पीठापुर गांव में माइनर (नहर) कटने से पानी खेतों में घुस गया है, जिससे किसानों की सैकड़ों बीघा तैयार फसल पूरी तरह जलमग्न हो गई है।

लाखों का नुकसान, किसान बेहाल

माइनर कटने से सबसे ज्यादा नुकसान गेहूं और सरसों की फसलों को हुआ है। वर्तमान में ये फसलें उस चरण में थीं जहाँ अधिक पानी लगने से पौधे सड़ सकते हैं। प्रभावित किसानों का कहना है कि उनकी महीनों की मेहनत और पूंजी पर पानी फिर गया है।

निजी संसाधनों के भरोसे किसान

विभागीय मदद न मिलने पर किसान अब खुद के खर्च पर पंपिंग सेट लगाकर खेतों से पानी निकालने की कोशिश कर रहे हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि अगर समय रहते पानी नहीं निकाला गया, तो पूरी फसल बर्बाद हो जाएगी और उनके पास परिवार पालने का कोई जरिया नहीं बचेगा।

सिंचाई विभाग पर गंभीर आरोप

पीड़ित किसानों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा:

अनदेखी: माइनर की स्थिति खराब होने की जानकारी पहले भी दी गई थी, लेकिन मरम्मत नहीं कराई गई।

कोई सुनवाई नहीं: घटना के बाद शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुँचा और न ही पानी को रोकने के पुख्ता इंतजाम किए गए।

“हमने कई बार अधिकारियों को माइनर की कमजोरी के बारे में बताया, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। आज हमारी आंखों के सामने फसल डूब रही है और अधिकारी दफ्तरों में बैठे हैं।” — स्थानीय किसान, पीठापुर

प्रशासनिक रुख

फिलहाल स्थानीय तहसील प्रशासन ने मामले में जांच की बात कही है, लेकिन किसानों में व्याप्त आक्रोश कम होने का नाम नहीं ले रहा है। किसान अब सरकार से फसल के नुकसान का उचित मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।

 

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