लखनऊ
लखनऊ जनपद के आलू किसानों के लिए इस बार भी राहत भरी खबर नहीं है। कन्नौज और फर्रुखाबाद के आसपास के क्षेत्रों में आलू की बंपर पैदावार होने के बावजूद किसान तीन साल बाद फिर से बड़े घाटे का सामना कर रहे हैं।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

लखनऊ जनपद के आलू किसानों के लिए इस बार भी राहत भरी खबर नहीं है। कन्नौज और फर्रुखाबाद के आसपास के क्षेत्रों में आलू की बंपर पैदावार होने के बावजूद किसान तीन साल बाद फिर से बड़े घाटे का सामना कर रहे हैं।
इस घाटे का मुख्य कारण पंजाब और बिहार जैसे राज्यों में भी आलू की भरपूर फसल होना है। इससे यूपी के आलू के लिए बाहर के खरीदार नहीं आ रहे हैं, जिससे स्थानीय मंडियों में कीमतें निचले स्तर पर आ गई हैं।
आलू की कीमत इतनी कम हो गई है कि किसानों के लिए लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है। आलम यह है कि कई किसानों के सामने शीतगृहों में आलू फेंकने की नौबत आ गई है। 2022 के बाद एक बार फिर आलू किसान बड़े संकट में हैं।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) December 14, 2025





















