दशहरे से पहले मेरठ में झमाझम बारिश: रावण-कुंभकर्ण के पुतलों पर तिरपाल, रामलीला मंचन देखने पहुंचे कम दर्शक

मेरठ

मेरठ जनपद के दशहरे से ठीक पहले मंगलवार को मौसम ने ऐसी करवट ली कि शहर में चल रही रामलीला कमेटियों की चिंता बढ़ गई है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट

मेरठ जनपद के दशहरे से ठीक पहले मंगलवार को मौसम ने ऐसी करवट ली कि शहर में चल रही रामलीला कमेटियों की चिंता बढ़ गई है। झमाझम बारिश के कारण न सिर्फ रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों के निर्माण का काम रोकना पड़ा, बल्कि उन्हें भीगने से बचाने के लिए तिरपाल और पन्नी से ढकना पड़ा। इसका सीधा असर रामलीला मंचन पर भी पड़ा, जहां बारिश के चलते देरी से कार्यक्रम शुरू हुआ और दर्शकों की संख्या भी काफी कम रही।

मौसम ने बदली व्यवस्था, पंडालों में हलचल
मंगलवार की सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए हुए थे। मौसम के बदलते तेवर देख रामलीला पंडालों में अफरा-तफरी मच गई। मैदान में रखी कुर्सियों की गद्दी को आनन-फानन में हटा दिया गया। मंच और अन्य सामान को भी ढकने का काम शुरू हो गया। हालांकि, शाम होते-होते बारिश रुकी, जिसके बाद व्यवस्थाओं को फिर से पटरी पर लाने का काम शुरू हुआ।

भैसाली मैदान में रुका पुतला निर्माण
शहर की रामलीलाओं के लिए भैसाली मैदान में पिछले दो दिनों से रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशाल पुतलों को अंतिम रूप दिया जा रहा था। बारिश शुरू होते ही यह काम तुरंत रोक दिया गया। पुतले बना रहे असलम ने बताया कि मौसम बदलते ही उन्होंने पुतलों को तुरंत पन्नी और तिरपाल की मदद से ढकवा दिया, ताकि बारिश से उन्हें कोई नुकसान न हो।

आज दोपहर बाद खड़े होंगे पुतले

 

 

 

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