सिद्धार्थनगर
नवरात्र के दौरान विकास भवन परिसर की दीवार पर स्थित दुर्गा मंदिर को प्रशासन द्वारा तोड़े जाने के बाद शुरू हुआ विवाद अब शांत हो गया है।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

नवरात्र के दौरान विकास भवन परिसर की दीवार पर स्थित दुर्गा मंदिर को प्रशासन द्वारा तोड़े जाने के बाद शुरू हुआ विवाद अब शांत हो गया है। 23 सितंबर की रात प्रशासन ने जेसीबी लगाकर दशकों पुराने इस मंदिर को ढहा दिया था और मूर्तियों को जमुआर नाले में प्रवाहित कर दिया था। जिससे श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश फैल गया था।
सांसद के धरने के बाद प्रशासन झुका
अगले ही दिन, सांसद जगदंबिका पाल सैकड़ों समर्थकों और श्रद्धालुओं के साथ धरने पर बैठ गए थे। जिससे जनविरोध एक बड़े आंदोलन में बदल गया। जनता के दबाव और एकजुटता के आगे प्रशासन को झुकना पड़ा और उसी स्थान पर मंदिर की पुनः स्थापना कराने का निर्णय लिया गया।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पुनः स्थापना
सोमवार को मंदिर की पुनः स्थापना का कार्य संपन्न हुआ। पूरा वातावरण वैदिक मंत्रोच्चार और भजन-कीर्तन से गूँज उठा। महिलाओं ने मंगलगीत गाए, जिससे श्रद्धालुओं के चेहरे पर संतोष और मुस्कान लौट आई।
समाजसेवी रामकृष्ण पांडेय ने इस अवसर पर कहा, “नवरात्र में मंदिर तोड़ा गया था और नवरात्र में ही यह पुनः स्थापित हुआ है। यह आस्था की जीत है।”
भारी संख्या में जुटे श्रद्धालु
मंदिर की पुनः स्थापना के इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। इस दौरान विजय भान मिश्रा, सत्यम द्विवेदी, सुरेश गुप्ता, सुधा त्रिपाठी, सुनीता जायसवाल, मधु, पिंटू शाही समेत अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) September 29, 2025





















