लखनऊ
उत्तर प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए लोमड़ी और सियार के हमले से होने वाली जनहानि को राज्य आपदा घोषित कर दिया है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए लोमड़ी और सियार के हमले से होने वाली जनहानि को राज्य आपदा घोषित कर दिया है। अब इन वन्यजीवों के काटने से मौत होने पर प्रभावित परिवार को ₹4 लाख का मुआवजा दिया जाएगा। इस नई घोषणा के साथ, राज्य आपदा की श्रेणी में शामिल वन्यजीवों की कुल संख्या 11 हो गई है।
दो श्रेणियों में वन्यजीव हमलों का मुआवजा
राज्य सरकार ने मानव-वन्यजीव संघर्ष में होने वाली जनहानि के लिए वन्यजीवों को दो श्रेणियों में बांटा है:
श्रेणी-1: इस श्रेणी में बाघ, शेर, तेंदुआ, भेड़िया, लकड़बग्घा, मगरमच्छ, हाथी, गैंडा और जंगली सुअर शामिल हैं। इन जानवरों के हमले से इंसान की जान जाने पर पीड़ित परिवार को ₹5 लाख का मुआवजा दिया जाता है।
श्रेणी-2: हालिया घोषणा के बाद लोमड़ी और सियार को इस श्रेणी में रखा गया है। इनके हमले से मृत्यु होने पर ₹4 लाख का मुआवजा मिलेगा।
मधुमक्खी और बिल्डिंग गिरने की घटनाओं पर फिलहाल विचार नहीं
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित राज्य कार्यकारी समिति ने मधुमक्खी के हमले से होने वाली मौत को भी राज्य आपदा में शामिल करने की सिफारिश की थी। हालाँकि, इस प्रस्ताव को अभी उच्च स्तर से मंजूरी नहीं मिली है। इस पर वन विभाग से यह परामर्श माँगा गया है कि क्या मधुमक्खी वन्यजीव के अंतर्गत आती है।
इसी तरह, बिल्डिंग से गिरने की घटना को राज्य आपदा घोषित किए जाने संबंधी प्रस्ताव को भी फिलहाल खारिज कर दिया गया है।
यह कदम मानव-वन्यजीव संघर्ष से प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
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