सिद्धार्थनगर
सिद्धार्थनगर मेडिकल कॉलेज और इटवा सीएचसी में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति वाकई गंभीर और चिंताजनक प्रतीत होती है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट

सिद्धार्थनगर मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने शुक्रवार को विधानसभा में गंभीर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि इस मेडिकल कॉलेज में प्रिंसिपल की नियुक्ति के लिए उत्तर प्रदेश में कोई योग्य उम्मीदवार नहीं मिल पाया, जिसके कारण गुजरात से प्रिंसिपल को लाना पड़ा। पांडेय ने आरोप लगाया कि प्रिंसिपल का ध्यान मरीजों की सेवा और अस्पताल के बेहतर संचालन की बजाय सामान की खरीदारी और कमीशन में लग रहा है।
नेता प्रतिपक्ष ने अपने व्यक्तिगत अनुभव को साझा करते हुए कहा कि जब वह सिरदर्द के कारण मेडिकल कॉलेज गए, तो उन्हें डॉक्टर की जगह वार्ड बॉय द्वारा दवा लिखते हुए देखा। इसके अलावा, कंपाउंडर भी मौजूद नहीं था और प्रिंसिपल अपने कार्यालय में नहीं मिले। पांडेय ने यह भी बताया कि अस्पताल में ऑपरेशन के लिए कोई डॉक्टर नहीं है, जिससे मरीजों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
इसी तरह, इटवा सीएचसी की स्थिति भी बेहद खराब है। 1977 में बने पुराने भवन की हालत जर्जर हो चुकी है। सरकार ने नए भवन के लिए पैसा तो दिया है, लेकिन पुराने भवन को ध्वस्त करने के लिए नीलामी मूल्य इतना अधिक रखा गया है कि कोई ठेकेदार इसे नीलाम करने को तैयार नहीं है। नेता प्रतिपक्ष ने सरकार से मांग की है कि पुराने भवन का मूल्यांकन दोबारा किया जाए और उचित मूल्य तय किया जाए, ताकि निर्माण कार्य शुरू हो सके।इस मुद्दे को लेकर विधायक ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए त्वरित कदम उठाने की अपील की है।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) February 12, 2025


















