संजय मल्होत्रा भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के होंगे नए गवर्नर

Voice Of News 24 

10 Dec 2024 13:51 PM

ब्यूरो रिपोर्ट

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अगले गवर्नर के रूप में संजय मल्होत्रा की नियुक्ति की गई है। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट 

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अगले गवर्नर के रूप में संजय मल्होत्रा की नियुक्ति की गई है। वे वर्तमान गवर्नर शक्तिकांत दास का स्थान लेंगे, जिनका कार्यकाल 11 दिसंबर, 2024 को समाप्त हो रहा है। संजय मल्होत्रा की नियुक्ति को मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने मंजूरी दी है, और उनका कार्यकाल तीन साल का होगा, जो 11 दिसंबर, 2024 से प्रभावी होगा।

संजय मल्होत्रा का अनुभव और करियर:

संजय मल्होत्रा 1990 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और वर्तमान में राजस्व विभाग के सचिव के रूप में कार्यरत हैं। उनके पास वित्त, कराधान, बिजली, सूचना प्रौद्योगिकी और खनन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में 33 वर्षों से अधिक का अनुभव है। इससे पहले, वे वित्तीय सेवा विभाग में भी सचिव के पद पर कार्य कर चुके हैं। उनके द्वारा अर्जित किया गया अनुभव उन्हें भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर पद के लिए एक उपयुक्त उम्मीदवार बनाता है।

आरबीआई गवर्नर का पद और चुनौतियां:

संजय मल्होत्रा के गवर्नर बनने की यह नियुक्ति आरबीआई के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ पर हो रही है। इस समय मुद्रास्फीति नियंत्रण और आर्थिक विकास में मंदी जैसी बड़ी चुनौतियों का सामना आरबीआई कर रहा है। संजय मल्होत्रा के नेतृत्व में भारतीय रिजर्व बैंक को इन चुनौतियों का सामना करते हुए भारतीय अर्थव्यवस्था के स्थायित्व और विकास को सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी मिलेगी।

शक्तिकांत दास का कार्यकाल:

शक्तिकांत दास, जो आरबीआई के 25वें गवर्नर थे, ने अपने कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। दिसंबर 2018 में गवर्नर के रूप में नियुक्त होने के बाद उन्होंने मुद्रास्फीति नियंत्रण, बैंकिंग क्षेत्र के सुधार, और कोरोनावायरस महामारी के बाद आर्थिक पुनर्निर्माण जैसे मुद्दों पर कड़ी मेहनत की। दास ने पांच साल के कार्यकाल को पार करते हुए दो कार्यकाल पूरे किए हैं। उनके कार्यकाल के अंत के साथ, संजय मल्होत्रा का कार्यभार संभालना एक नई दिशा की शुरुआत करेगा।

नवीनतम नियुक्ति का महत्व:

संजय मल्होत्रा की नियुक्ति भारतीय रिजर्व बैंक के 26वें गवर्नर के रूप में एक ऐतिहासिक कदम है, जो भारत की आर्थिक नीतियों और वित्तीय स्थिरता में अहम भूमिका निभाएंगे। उनकी वित्तीय क्षेत्र में गहरी समझ और प्रशासनिक अनुभव उन्हें इस पद के लिए एक योग्य उम्मीदवार बनाता है।

अब जब भारतीय रिजर्व बैंक को मुद्रास्फीति और आर्थिक मंदी जैसी चुनौतियों का सामना करना है, संजय मल्होत्रा के अनुभव और नेतृत्व में RBI की नीतियां और कदम इस दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। उनकी नियुक्ति से वित्तीय क्षेत्र में एक नए दौर की उम्मीदें जुड़ी हुई हैं।

 

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