Voice Of News 24
11 Feb 2024 10 :20 AM
भारत की आजादी के बाद के इतिहास में आमतौर पर सत्ताधारी दल के नेताओं की योगदान का जिक्र ज्यादा होता है. लेकिन कई नेता ऐसे भी होते हैं जो विरोधी दल के होने के बाद भी खासा प्रभाव छोड़ जाते हैं. जब जब भारत में भारतीय जनसंघ या भारतीय जनता पार्टी सत्ता में रही तो पंडित दीनदयाल उपाध्याय का अक्सर जिक्र होता रहा है. आज 11 फरवरी को पंडित दीन दयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि है. कई लोग उन्हें भाजपा का गांधी कहते हैं. दार्शनिक और विचारक के रूप में प्रसिद्ध पंडित दीनदयाल भारतीय जनसंघ के सह-संस्थापकों में से एक थे और उनके बारे में यह भी कहा जाता है कि उनकी असमय मृत्यु ने देश में बहुत बड़े बदलावों को आने से रोक दिया था.

पंडित दीन दयाल उपाध्याय का जन्म 25 सितंबर 1916 को मथुरा के नागदा के ब्राह्मण परिवार में हुआ था. यह स्थान आज दीनदयाल धाम के नाम से जाना जाता है. उनके मामा-मामी ने सीकर में उनका लालन पालन किया था. कानपुर में उन्होंने बीए और आगरा में अंग्रजी साहित्य में एमए की पढ़ाई की. 1937 में वे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से और 1952 में जनसंघ के महामंत्री बनाए गए.























