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26 Nov 2023 10:21
मुंबई में 2008 को हुए आतंकी हमले की 15वीं बरसी आज है। 26 नवंबर को आतंकियों ने समुद्री रास्ते से आए पाकिस्तान के 10 जैश-ए-मोहम्मद आंतकियों ने ताज होटल में इस घटना को इंजाम दिया था. जिसके बाद मुंबई के ओबेरॉय होटल, नरीमन हाउस में यहूदी केंद्र और लियोपोल्ड कैफे समेत कई स्थानों में आतकवादियों ने पूरे इलाके को बम और गोलबारी से दहला दिया था. ये इतिहास का सबसे भीषण और भयावह आंतकी हमला है. इस हमले में 160 लोगों की जान चली गई थी और करीब 300 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे.मुंबई में 15 वर्ष पहले हुए आतंकी हमले ने पूरे दुनिया को झकझोर दिया था। हर वर्ष आतंकी हमले में शहीद हुए सुरक्षा बलों और मारे गए लोगों को याद किया जाता है.

जिंदा पकड़ा गया था एक आतंकी
26 नवंबर, 2008 को मुंबई में देश को दहला देने वाले आतंकी हमले में 166 लोग मारे गए थे और 300 से अधिक घायल हुए थे. ये हमले तीन दिन तक चले. आतंकियों ने दो फाइव स्टार होटल ताजमहल और ओबेरॉय होटल , छत्रपति शिवाजी टर्मिनस रेलवे स्टेशन, लियोपोल्ड कैफे, कामा अस्पताल और यहूदी केंद्र नरीमन हाउस को निशाना बनाया था. इस दौरान नौ हमलावर आतंकवादियों को मार गिराया गया और मुम्बई पुलिस ने एक आतंकवादी कसाब को जिंदा पकड़ लिया, जिसे बाद में फांसी दी गई. इसके बावजूद पाकिस्तान ने लश्कर के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाए थे.
लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकवादी कराची से पहुंचे थे मुंबई
लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकवादी पाकिस्तान के कराची बंदरगाह से नाव से मुंबई के लिए निकले थे. रास्ते में इन्होंने एक मछली पकड़ने वाली छोटी नाव को हाइजैक कर लिया. इस दौरान इन्होंने नाव के 4 क्रू मेंबर्स को मौत के घाट उतार दिया और कैप्टन को नाव भारत लाने के लिए मजबूर किया. शाम को मुंबई के समुद्र तट से करीब 7 किमी दूर नाव के पहुंचते ही आतंकवादियों ने कैप्टन को मार दिया. आंतकी मुंबई के कोलाबा की मच्छीमार कॉलोनी से शहर में घुसे. यहां तक पहुंचने के लिए वे स्पीडबोट का उपयोग किया गया. मच्छीमार कॉलोनी से बाहर निकलने के बाद ये दो-दो के समूहों में बंट गए थे. इसके बाद आतंकियों ने अलग-अलग जगह पर हमलों को अंजाम दिया.























