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8Nov2022 21:47PM
कोल्हुई
महराजगंज:कोल्हुई थाना क्षेत्र के भारत नेपाल सीमा पर एकसड़वा के निकट जोगियाबारी चौकी पर स्थित घोंघी नदी (डंडा नदी)तट पर जोगियाबारी का कार्तिक पूर्णिमा का मेला जो युग युग से विख्यात है।भीड़ कम होने के नाते मेला का रूप नहीं लग सका। यह मेला सस्ते सामानों के लिए बहुचर्चित है।
सेई भर धान जोगियाबारी क नहान
भारत नेपाल सीमा को बांटने वाली घोंघी नदी के भारतीय तट पर जोगिया बारी का नहान युग- युग से विख्यात होने के नाते भारत और नेपाल राष्ट्र के दूर दराज क्षेत्रों से लोग स्नान ध्यान कर के मेले में सजी हुई दुकानों से सस्ते दर पर खरीददारी करते हैं।इस मेले में मूज की विक्री सर्वाधिक होती है। मूज बेचने और खरिदने वाले एक दिन पहले से ही काफी दूरी तय कर आते हैं।इस मेले में गोदना,मुर्गा तीतर बटेर की लड़ाई ,मिट्टी व् लकड़ी के बर्तन ,गन्ना ,मिठाई ,रेडीमेड कपडे,विसाता सामाग्री, आदि काफी सस्ते दर पर बिकते हैं।बुजुर्गों में कुछ लोगो ने बताया कि बाप दादा से सुनते आ रहे हैं। कि जोगियाबारी में पहले एक सेई धान लेकर भी नहान के लिए कुछ लोग आ जाते थे। नदी उस पार नेपाल सीमा में अधिकांशतः दारु , मीट आदि काफी प्रचलित है। महिलायें धार्मिक गीत गाकर स्नान के लिए आती हैं। जहाँ माहौल काफी खुशगवार रहती है। इस मेले में आज नेपाल के तट पर काफी भीड़ रही।इस मेले को लेकर पुलिस अलर्ट रही और जगह जगह तैनाती की गई थी।


















