बलिया
बलिया समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता सुशील पाण्डेय कान्हजी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शीर्ष नेतृत्व से सांसद निशिकांत दुबे के विरुद्ध तत्काल कड़ा रुख अपनाने और अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की है।
मूलभूत मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप
प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से सुशील पाण्डेय कान्हजी ने सत्तापक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश इस समय कई ज्वलंत और गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं।
राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी का मामला।
जंतर-मंतर पर छात्रों और युवाओं का देशव्यापी आंदोलन।
लगातार होते पेपर लीक, बढ़ती बेरोजगारी और कमरतोड़ महंगाई।
डीजल-पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण जैसे नीतिगत मुद्दे।
सपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि इन बुनियादी और जमीनी मुद्दों पर जवाब देने के बजाय भाजपा जनता का ध्यान भटकाने की राजनीति कर रही है। इसके लिए पार्टी अपने कुछ नेताओं से लगातार भड़काऊ और अनर्गल बयानबाजी करवा रही है, जिससे देश का सामाजिक और राजनीतिक माहौल खराब हो रहा है। सांसद निशिकांत दुबे का हालिया बयान इसी सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।
“अखिलेश यादव की बढ़ती लोकप्रियता से असहज है भाजपा”
कान्हजी ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का पक्ष रखते हुए कहा कि उनका सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों तथा विकासपरक राजनीति के प्रति समर्पित रहा है।
“राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की लगातार बढ़ती जनस्वीकार्यता और लोकप्रियता से भाजपा पूरी तरह असहज और डरी हुई है। यही कारण है कि राजनीतिक लाभ लेने के घटिया उद्देश्य से उनके विरुद्ध अनर्गल एवं अमर्यादित टिप्पणियां कराई जा रही हैं, जो पूरी तरह निंदनीय और अक्षम्य हैं।”
— सुशील पाण्डेय कान्हजी, जिला उपाध्यक्ष (सपा)
लोकतांत्रिक मर्यादाओं को बनाए रखने की अपील
सपा नेता ने कहा कि लोकतांत्रिक राजनीति में वैचारिक मतभेद होना स्वाभाविक है और यह लोकतंत्र की खूबसूरती है, लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर जाकर अभद्र, अमर्यादित और असंसदीय भाषा का प्रयोग करना किसी भी जनप्रतिनिधि को शोभा नहीं देता। ऐसे बयानों से न सिर्फ लोकतांत्रिक मर्यादाएं तार-तार होती हैं, बल्कि समाज में अनावश्यक रूप से तनाव और कड़वाहट का वातावरण बनता है।
सपा कार्यकर्ताओं की मांग
सुशील पाण्डेय कान्हजी ने दो टूक शब्दों में मांग की कि भारतीय जनता पार्टी को अपने सांसद निशिकांत दुबे के अमर्यादित बयान पर अपना रुख साफ करना चाहिए और उनके खिलाफ तुरंत प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि समाजवादी पार्टी के लाखों कार्यकर्ताओं की यही पुरजोर मांग है कि इस प्रकार की अमर्यादित राजनीति पर तुरंत रोक लगाई जाए और लोकतांत्रिक संवाद की गरिमा को बहाल रखा जाए।













