निघासन में तालाब की भूमि से गरीबों की ठेली हटाई, पक्के निर्माण पर कार्रवाई न होने से निष्पक्षता पर उठे सवाल

लखीमपुर खीरी

लखीमपुर खीरी जनपद के नगर पंचायत निघासन की गाटा संख्या 441, जो राजस्व अभिलेखों में तालाब के रूप में दर्ज है, पर तहसील प्रशासन की हालिया कार्रवाई को लेकर स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

लखीमपुर खीरी जनपद के नगर पंचायत निघासन की गाटा संख्या 441, जो राजस्व अभिलेखों में तालाब के रूप में दर्ज है, पर तहसील प्रशासन की हालिया कार्रवाई को लेकर स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है। प्रशासन पर अतिक्रमण हटाने के नाम पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लग रहा है।

स्थानीय साक्ष्यों और ग्रामीणों के अनुसार, इस तालाब की भूमि पर पिछले कई वर्षों से चाय की ठेली और अस्थायी झोपड़ी लगाकर अपनी आजीविका चलाने वाले गरीब परिवारों को प्रशासन ने तत्काल हटा दिया, जिससे उनके सामने अचानक रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। वहीं दूसरी ओर, इसी गाटा संख्या पर बने अवैध पक्के निर्माणों और भवनों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई और वे जस के तस बने हुए हैं।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि माननीय न्यायालय के निर्देशों के क्रम में तालाब को अतिक्रमण मुक्त कराना था, तो कार्रवाई का दायरा केवल कमजोर वर्ग की अस्थायी ठेलियों तक ही क्यों सीमित रखा गया? प्रभावशाली लोगों के पक्के निर्माणों को छोड़ देने से प्रशासन की मंशा और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्षेत्रीय लोगों ने मांग की है कि न्याय के मूल सिद्धांत का पालन करते हुए बिना किसी भेदभाव के सभी छोटे-बड़े और पक्के अवैध कब्जों को समान रूप से हटाया जाए। इस मामले में तहसील प्रशासन का आधिकारिक पक्ष आते ही उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

 

Voice Of News 24

This error message is only visible to WordPress admins

Error: No feed found with the ID 1.

Go to the All Feeds page and select an ID from an existing feed.