सिद्धार्थनगर
सिद्धार्थनगर उत्तर प्रदेश सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को ठेंगा दिखाते हुए सिद्धार्थनगर का पीसीएफ विभाग एक बार फिर सुर्खियों में है। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

सिद्धार्थनगर उत्तर प्रदेश सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को ठेंगा दिखाते हुए सिद्धार्थनगर का पीसीएफ विभाग एक बार फिर सुर्खियों में है। जिले में करीब दो साल पहले हुए 67 करोड़ के बहुचर्चित धान खरीद घोटाले में अफसर और ठेकेदार जेल जा चुके हैं, लेकिन विभाग का रवैया नहीं बदला। ताजा मामला लखीमपुर-खीरी के ठेकेदार मोहम्मद शकील खान का है, जिनका भुगतान पिछले 2 साल से अटका हुआ है।
पीड़ित ठेकेदार का आरोप है कि उन्होंने वित्तीय वर्ष 2024-25 में अनुबंध के तहत जिले के 6 क्रय केंद्रों पर हैंडलिंग का काम किया था। अब अपना जायज बिल पास कराने के एवज में पीसीएफ प्रबंधक और शोहरतगढ़ के सचिव द्वारा मोटी घूस और कमीशन की मांग की जा रही है। अधिकारियों का साफ कहना है कि ‘पहले सुविधा शुल्क दो, फिर पेमेंट लो।’
मुख्यमंत्री पोर्टल से लेकर तमाम आलाधिकारियों के चक्कर काट चुके पीड़ित ने अब जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन से न्याय की गुहार लगाई है। इस मामले ने एक बार फिर भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रशासनिक दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) July 2, 2026













