अम्बेडकरनगर नरसंहार का खौफनाक सच: कातिल आमिर पुलिस मुठभेड़ में ढेर, मां बेगुनाह थी, संपत्ति और सनक के लिए बुझा दिए 5 चिराग

अम्बेडकरनगर

अम्बेडकरनगर जनपद के अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के मीरानपुर मोहल्ले में हुए पांचहरे हत्याकांड की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी 19 वर्षीय आमिर को एनकाउंटर में मार गिराया है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

अम्बेडकरनगर जनपद के अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के मीरानपुर मोहल्ले में हुए पांचहरे हत्याकांड की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी 19 वर्षीय आमिर को एनकाउंटर में मार गिराया है। जिसे पुलिस अब तक ‘कातिल मां’ समझ रही थी, वह खुद अपनी ममता और बच्चों को बचाने की कोशिश में इस दरिंदगी का शिकार हुई थी।

संपत्ति हड़पने के लिए रची गई साजिश

सीओ नीतीश तिवारी ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि मृतका गौसिया का पति सऊदी अरब में रहता है, जिसने कथित तौर पर वहां किसी अन्य महिला से शादी कर ली थी। इसी का फायदा उठाकर पड़ोसी आमिर, गौसिया से शादी कर उसकी जमीन हड़पना चाहता था। गौसिया के इनकार करने पर उसने पूरे परिवार को खत्म करने की योजना बनाई।

वारदात की रूह कंपा देने वाली सच्चाई

2 मई को हुए इस घटनाक्रम की हकीकत बेहद दर्दनाक है।

बच्चों की हत्या: आरोपी ने मारपीट कर पहले गौसिया को बेहोश किया और फिर उसके चारों मासूम बच्चों की हत्या कर दी।

मां का संघर्ष: इसी बीच गौसिया को होश आया और वह बच्चों को देख चिल्लाने लगी, तो आमिर ने उसे भी मौत के घाट उतार दिया।

पुलिस को किया गुमराह: हत्या के बाद आमिर ने गौसिया के शव को 200 मीटर घसीटकर नाले में फेंक दिया ताकि ऐसा लगे कि मां बच्चों को मारकर फरार हो गई है। पुलिस शुरुआत में इसी ट्रैप में फंस गई थी।

कैसे पलटी पुलिस की थ्योरी?

रविवार को जब नाले से गौसिया की लाश मिली, तो पुलिस के होश उड़ गए। शरीर पर मिले चोट के निशानों ने साफ कर दिया कि यह आत्महत्या या फरार होने का मामला नहीं, बल्कि सामूहिक हत्याकांड है। जांच की सुई आमिर पर टिकी और पुलिस उसकी तलाश में जुट गई।

जवाबी फायरिंग में ढेर हुआ कातिल

एसपी प्राची सिंह के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि आमिर नेवतरिया बाईपास के पास भागने की फिराक में है। घेराबंदी के दौरान बाइक फिसलने पर आमिर ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।

मुठभेड़: जवाबी फायरिंग में आमिर के सीने में गोली लगी, जिससे अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई।

पुलिसकर्मी घायल: एसओजी प्रभारी विनोद यादव की बुलेटप्रूफ जैकेट में गोली लगी, जबकि एक दरोगा और सिपाही भी घायल हुए हैं।

मौके से पुलिस ने एक पिस्टल, बाइक और कारतूस बरामद किए हैं। इस एनकाउंटर के साथ ही अम्बेडकरनगर के इस हृदयविदारक कांड का इंसाफ हो गया है।

 


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