उन्नाव: गंगा का जलस्तर बढ़ने से गहराया संकट, रेती पर उगी किसानों की फसलें जलमग्न

उन्नाव

उन्नाव जनपद के पहाड़ों पर हो रही बारिश और बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण उन्नाव में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है, जिससे तटीय इलाकों के किसानों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट

उन्नाव जनपद के पहाड़ों पर हो रही बारिश और बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण उन्नाव में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है, जिससे तटीय इलाकों के किसानों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत गंगा तट और रेतीले इलाकों में बोई गई सैकड़ों बीघा फसल पूरी तरह से पानी में डूब गई है।

जलस्तर में अचानक हुई इस वृद्धि से ककड़ी, खीरा, लौकी और खरबूजे जैसी नकदी फसलों को भारी नुकसान पहुँचा है। किसानों का कहना है कि उन्होंने कर्ज लेकर और कड़ी मेहनत से फसल तैयार की थी, लेकिन अब सब कुछ गंगा की लहरों में समा गया है। खेतों के जलमग्न होने से फसलें सड़ने लगी हैं, जिससे किसानों को लाखों रुपये के आर्थिक नुकसान की आशंका है।

बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तटीय गांवों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। पीड़ित किसानों ने शासन और प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजे की मांग की है। वर्तमान में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे किनारे बसे ग्रामीणों में भय का माहौल है।

 

Voice Of News 24