सिद्धार्थनगर: विश्व वानिकी दिवस पर ककरहवा जंगल में नेचर ट्रेल का आयोजन, बच्चों ने करीब से जानी वनों की अहमियत

नौगढ़

सिद्धार्थनगर जनपद में विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर शनिवार को सामाजिक वानिकी वन प्रभाग सिद्धार्थनगर द्वारा नौगढ़ रेंज स्थित ककरहवा जंगल में एक विशेष नेचर ट्रेल कार्यक्रम का आयोजन किया गया।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

सिद्धार्थनगर जनपद में विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर शनिवार को सामाजिक वानिकी वन प्रभाग सिद्धार्थनगर द्वारा नौगढ़ रेंज स्थित ककरहवा जंगल में एक विशेष नेचर ट्रेल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। डीएफओ नीला एम के कुशल निर्देशन और एसडीओ वीना तिवारी के मार्गदर्शन में संपन्न हुए इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को प्रकृति से जोड़ना और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना रहा।

प्राकृतिक वातावरण के बीच पहुंचे छात्र-छात्राएं

कार्यक्रम के तहत राजीव गांधी नेशनल ककरहवा के छात्र-छात्राओं को जंगल के भीतर भ्रमण कराया गया। घने वन मार्गों से गुजरते हुए बच्चे जब प्राकृतिक वातावरण के बीच पहुंचे, तो उन्होंने विभिन्न प्रकार के पेड़-पौधों, औषधीय वनस्पतियों और जंगल की समृद्ध जैव विविधता को बहुत करीब से देखा। शांत और स्वच्छ वातावरण में बच्चों ने न केवल प्रकृति का आनंद लिया, बल्कि पारिस्थितिकी तंत्र के महत्व को भी समझा।

वनों का महत्व: पर्यावरण ही नहीं, अर्थव्यवस्था का भी आधार

क्षेत्रीय वन अधिकारी (नौगढ़) राजेश कुमार कुशवाहा ने बच्चों को वनों की उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वन केवल पर्यावरण संतुलन और ऑक्सीजन के स्रोत ही नहीं हैं, बल्कि ये ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ भी हैं। वनों से प्राप्त होने वाली लकड़ी, जड़ी-बूटियां और अन्य लघु वन उपज स्थानीय लोगों को रोजगार प्रदान करते हैं।

वन अधिकारियों ने बच्चों को समझाया कि कैसे पेड़-पौधे कार्बन डाइऑक्साइड को सोखकर जलवायु परिवर्तन के खतरों को कम करते हैं। इस दौरान जैव विविधता संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष से बचाव के उपायों पर भी चर्चा की गई। बच्चों को अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने और लगे हुए पेड़ों की सुरक्षा करने की शपथ दिलाई गई।

नेचर ट्रेल के दौरान वन विभाग के कर्मियों ने बच्चों को अलग-अलग प्रजाति के पेड़ों की पहचान कराई। बच्चों ने भी अपनी जिज्ञासा शांत करने के लिए वनों और वन्यजीवों से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका अधिकारियों ने सरल और रोचक भाषा में जवाब दिया। इस आयोजन से स्कूली बच्चों में प्रकृति के प्रति गहरा लगाव और जिम्मेदारी का भाव देखने को मिला।

Voice Of News 24