देश के लिए सर्वोच्च बलिदान: कल सुबह पैतृक गांव खैरपुर पहुंचेगा शहीद नायक तिलक सिंह का पार्थिव शरीर

बुलंदशहर

बुलंदशहर जनपद के डिबाई विधानसभा क्षेत्र के गांव खैरपुर का एक और वीर सपूत भारत माता की रक्षा करते हुए बलिदान हो गया। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।


बुलंदशहर जनपद के डिबाई विधानसभा क्षेत्र के गांव खैरपुर का एक और वीर सपूत भारत माता की रक्षा करते हुए बलिदान हो गया। भारतीय सेना की 7 जाट रेजीमेंट में तैनात नायक तिलक सिंह (33 वर्ष), जम्मू-कश्मीर के राजौरी-पुंछ सेक्टर में ड्यूटी के दौरान 15 मार्च को वीरगति को प्राप्त हुए। इस दुखद समाचार के बाद से पूरे बुलंदशहर जनपद और विशेषकर डिबाई क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।

सैन्य सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार

शहीद नायक तिलक सिंह का पार्थिव शरीर कल सुबह (17 मार्च) लगभग 9 बजे उनके पैतृक गांव खैरपुर पहुंचेगा। यहाँ पूरे सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। जिला प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारियों समेत हजारों लोगों के शहीद के अंतिम दर्शन के लिए जुटने की संभावना है।

परिवार का इकलौता चिराग था वीर तिलक

नायक तिलक सिंह अपने परिवार के स्तंभ थे। वे पिता आइटम सिंह और माता सरोज देवी के इकलौते पुत्र थे। उनके परिवार में दो बहनें, पत्नी और चार मासूम बच्चे हैं। विशेष रूप से उनके 102 वर्षीय दादा, चौधरी रवि करण सिंह, इस उम्र में अपने पोते की शहादत पर गहरे दुख के साथ-साथ गर्व भी महसूस कर रहे हैं।

पूरे क्षेत्र में गर्व और गम का माहौल

शहादत की सूचना मिलते ही खैरपुर गांव में चूल्हे नहीं जले और हर आंख नम है। जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने वीर सपूत को श्रद्धांजलि देते हुए नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में गांव पहुंचकर देश के इस गौरव को अंतिम विदाई दें।

 

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