बुलंदशहर
बुलंदशहर जनपद के शिव भक्ति की राह कठिन होती है, लेकिन बुलंदशहर के कुछ बच्चों ने इसे अपनी अटूट आस्था से और भी विशिष्ट बना दिया है। पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बुलंदशहर जनपद के शिव भक्ति की राह कठिन होती है, लेकिन बुलंदशहर के कुछ बच्चों ने इसे अपनी अटूट आस्था से और भी विशिष्ट बना दिया है। अनूपशहर से छतारी की ओर बढ़ रहे इन नन्हे कांवड़ियों का जज्बा देख हर कोई दांतों तले उंगली दबा रहा है। ये बच्चे सामान्य कांवड़ नहीं, बल्कि दंडौती कांवड़ लेकर चल रहे हैं, वह भी बेहद कठिन परिस्थितियों में।
किली लगे तख्तों पर कठिन साधना छतारी निवासी नरेश कुमार और राकेश कुमार ने बताया कि इन बच्चों ने अनूपशहर से छतारी तक दंडौती यात्रा का बीड़ा उठाया है। इसके लिए उन्होंने लकड़ी के तख्तों में कीलें ठोक कर उन्हें तैयार किया है, जिन पर लेट-लेटकर वे अपनी यात्रा पूरी कर रहे हैं।
15 फरवरी को होगा जलाभिषेक यह यात्रा 6 फरवरी को अनूपशहर से शुरू हुई थी और 15 फरवरी को अपने गंतव्य छतारी पहुंचेगी। अपनी मन्नत पूरी करने के लिए बच्चे प्रतिदिन मात्र 3 किलोमीटर का सफर तय कर पाते हैं। दल में शामिल शिवभक्तों का विवरण इस प्रकार है:
मुख्य सदस्य: प्रियांशु (13 वर्ष), पिंटू (12 वर्ष), अमन (14 वर्ष), कृष्णा (15 वर्ष), मोहित (15 वर्ष), दाऊजी (16 वर्ष), करन (18 वर्ष) और राकेश कुमार (20 वर्ष)।
महिला भागीदारी: 25 वर्षीय मंजू देवी भी इस कठिन यात्रा का हिस्सा हैं।
इन बच्चों का लक्ष्य गांव के प्राचीन शिव मंदिर में जलाभिषेक करना है। इतनी कम उम्र में ऐसा कठिन संकल्प और अनुशासन ‘वॉइस ऑफ न्यूज़ 24’ की टीम के साथ-साथ पूरे इलाके के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) February 12, 2026




















