शिव विवाह प्रसंग से भावविभोर हुआ पंडाल, चतुर्थ दिवस पर गूंजा वैदिक मंत्रोच्चारश्री श्री 108 श्री शतचंडी महायज्ञ में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, अयोध्या से पधारे प्रवचनकर्ता ने बांधा समां

महराजगंज

महराजगंज जनपद के नगर पंचायत परतावल के वार्ड संख्या 2 बल्लभ नगर में आयोजित श्री श्री 108 श्री शतचंडी महायज्ञ के चतुर्थ दिवस पर भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। यज्ञ पंडाल में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

महराजगंज जनपद के नगर पंचायत परतावल के वार्ड संख्या 2 बल्लभ नगर में आयोजित श्री श्री 108 श्री शतचंडी महायज्ञ के चतुर्थ दिवस पर भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। यज्ञ पंडाल में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

चतुर्थ दिवस के मुख्य आकर्षण के रूप में जौनपुर से पधारे सुप्रसिद्ध प्रवचनकर्ता डॉ. रजनी कांत द्विवेदी ने अपने ओजस्वी और मधुर वचनों से राम कथा के अंतर्गत भगवान शिव विवाह प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। शिव–पार्वती विवाह की अलौकिक कथा सुनाते हुए उन्होंने बताया कि यह विवाह केवल एक वैवाहिक प्रसंग नहीं, बल्कि शक्ति और शिव के दिव्य मिलन का प्रतीक है, जो सृष्टि के संतुलन और कल्याण का आधार है।

डॉ. द्विवेदी ने जब हिमालय नगरी में बारात आगमन, देवताओं की उपस्थिति और माता पार्वती की तपस्या का प्रसंग सुनाया तो पूरा पंडाल भक्तिभाव से सराबोर हो उठा। श्रद्धालु भावविभोर होकर तालियों की गड़गड़ाहट से अपनी श्रद्धा प्रकट करते रहे। कई श्रद्धालुओं की आंखें भी नम हो गईं और “हर-हर महादेव” तथा “जय भोलेनाथ” के जयघोष से वातावरण गुंजायमान हो उठा।

वहीं श्री धाम अयोध्या से पधारे यज्ञाचार्य पंडित श्याम सुन्दर पाठक अपने वैदिक विद्वानों की टोली के साथ प्रातःकाल से ही विधि-विधानपूर्वक मंत्रोच्चार में जुटे रहे। वैदिक ऋचाओं और स्वरों की पवित्र गूंज से पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो गया। मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हो रहे हवन-पूजन से वातावरण पूर्णतः शुद्ध एवं भक्तिमय बना रहा।

यज्ञाचार्य के निर्देशन में यज्ञ के यजमानगण भी पूर्ण श्रद्धा और समर्पण भाव से पूजा-अर्चना एवं आहुतियां प्रदान करते रहे। आयोजकों ने बताया कि महायज्ञ का उद्देश्य क्षेत्र में सुख-शांति, समृद्धि और लोककल्याण की भावना को सुदृढ़ करना है।

पूरे आयोजन स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। सुरक्षा और व्यवस्था की दृष्टि से भी विशेष प्रबंध किए गए हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर धर्मलाभ अर्जित कर रहे हैं।

श्री श्री 108 श्री शतचंडी महायज्ञ का यह दिव्य आयोजन क्षेत्र में आस्था और सनातन परंपरा के प्रति लोगों की गहरी निष्ठा का प्रतीक बन गया है।

 

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शिव विवाह प्रसंग से भावविभोर हुआ पंडाल, चतुर्थ दिवस पर गूंजा वैदिक मंत्रोच्चारश्री श्री 108 श्री शतचंडी महायज्ञ में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, अयोध्या से पधारे प्रवचनकर्ता ने बांधा समां