सिद्धार्थनगर
सिद्धार्थनगर जनपद के जिला एवं सत्र न्यायालय ने मंगलवार को हत्या के प्रयास (धारा 307 IPC) के एक सनसनीखेज मामले में कड़ा फैसला सुनाया है।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

सिद्धार्थनगर जनपद के जिला एवं सत्र न्यायालय ने मंगलवार को हत्या के प्रयास (धारा 307 IPC) के एक सनसनीखेज मामले में कड़ा फैसला सुनाया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने अभियुक्त को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और 6 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
क्या था मामला?
यह पूरा मामला वर्ष 2020 का है, जो थाना ढेबरुआ क्षेत्र से जुड़ा है। आपसी रंजिश के चलते अभियुक्त ने एक व्यक्ति पर धारदार हथियार और अवैध असलहे से जानलेवा हमला किया था। इस हमले में पीड़ित गंभीर रूप से घायल हो गया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू की थी।
पुलिस की मज़बूत पैरवी और साक्ष्य बने आधार
पुलिस द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत किए गए साक्ष्य, प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के बयान और मेडिकल रिपोर्ट ने अभियोजन पक्ष को बेहद मज़बूत आधार प्रदान किया। लंबी सुनवाई के बाद, न्यायालय ने उपलब्ध तथ्यों के आधार पर अभियुक्त विश्वनाथ उर्फ मजनू (निवासी: धरुआर, थाना ढेबरुआ) को हत्या के प्रयास का दोषी पाया।
न्यायाधीश की तल्ख टिप्पणी
फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश अजय कुमार श्रीवास्तव ने समाज में बढ़ते अपराधों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने अपनी टिप्पणी में कहा:
“ऐसे जघन्य अपराध न केवल पीड़ित के जीवन को संकट में डालते हैं, बल्कि पूरे समाज में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा करते हैं। अपराधियों में कानून का डर और आम जनता में न्याय के प्रति विश्वास मज़बूत करने के लिए ऐसे मामलों में कठोर दंड अनिवार्य है।”
अपराधियों को कड़ा संदेश
अदालत के इस फैसले को सिद्धार्थनगर पुलिस और न्याय व्यवस्था की बड़ी जीत माना जा रहा है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि 10 साल की कठोर सजा का यह निर्णय जनपद में अपराधियों के लिए एक स्पष्ट चेतावनी है कि गंभीर अपराध करने वालों को कानून के शिकंजे से बचना मुमकिन नहीं है।
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