संसद में गूंजी तराई की आवाज: सिद्धार्थनगर रूट पर नई सुपरफास्ट ट्रेन और ‘हमसफर’ को प्रतिदिन चलाने की मांग

सिद्धार्थनगर

संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान राज्यसभा सांसद बृजलाल ने गोरखपुर-गोंडा लूप लाइन (वाया सिद्धार्थनगर) के विकास और यात्रियों की असुविधा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान राज्यसभा सांसद बृजलाल ने गोरखपुर-गोंडा लूप लाइन (वाया सिद्धार्थनगर) के विकास और यात्रियों की असुविधा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि इस सामरिक और सामाजिक रूप से महत्वपूर्ण रेल मार्ग पर नई सुपरफास्ट ट्रेनों का संचालन शुरू किया जाए।

सामरिक और सांस्कृतिक महत्व का हवाला

सांसद बृजलाल ने सदन को अवगत कराया कि गोरखपुर से आनंदनगर, सिद्धार्थनगर, शोहरतगढ़ और बलरामपुर होते हुए लखनऊ-दिल्ली तक जाने वाली यह लाइन केवल एक रेल मार्ग नहीं, बल्कि पूर्वांचल के विकास की जीवनरेखा है।

नेपाल से संबंध: उन्होंने जोर देकर कहा कि इस मार्ग से नेपाल के नागरिक भी बड़ी संख्या में यात्रा करते हैं, जिनके साथ भारत का ‘रोटी-बेटी’ का संबंध है।

सेना का जुड़ाव: भारतीय सेना की शान ‘गोरखा रेजिमेंट’ के जवान और उनके परिवार भी इसी रूट का उपयोग करते हैं।

अटल जी की कर्मस्थली: यह मार्ग पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की कर्मस्थली बलरामपुर से होकर गुजरता है।

वर्तमान चुनौती: 7 जिलों पर भारी ‘एक’ ट्रेन

सांसद ने सदन में आंकड़ों के साथ पक्ष रखते हुए कहा कि गोरखपुर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, गोंडा, श्रावस्ती और बहराइच जैसे सात महत्वपूर्ण जिलों के लिए इस रूट पर केवल एक सुपरफास्ट ट्रेन (हमसफर एक्सप्रेस) उपलब्ध है। विडंबना यह है कि यह ट्रेन भी सप्ताह में मात्र चार दिन ही चलती है।

प्रमुख मांगें

हमसफर का विस्तार: ट्रेन संख्या 12571 (गोरखपुर-आनंदनगर-सिद्धार्थनगर-बढ़नी-गोंडा-लखनऊ-दिल्ली हमसफर एक्सप्रेस) को सप्ताह के सातों दिन (प्रतिदिन) चलाया जाए।

नई ट्रेन की आवश्यकता: इस रूट पर यात्रियों के बढ़ते दबाव को देखते हुए एक अन्य नई सुपरफास्ट ट्रेन शुरू की जाए।

“इस रेल मार्ग का सामरिक महत्व बहुत अधिक है। लाखों यात्रियों और जवानों की सहूलियत के लिए यहाँ ट्रेनों की संख्या बढ़ाना अनिवार्य है।” — बृजलाल, राज्यसभा सांसद

 

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