
मेरठ

मेरठ जनपद के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे वायु प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए शासन ने एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

मेरठ जनपद के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे वायु प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए शासन ने एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के आदेशानुसार, 1 जनवरी 2026 से अब डीजल और पेट्रोल से चलने वाली कैब और डिलीवरी वाहनों को सड़कों पर चलने की अनुमति नहीं होगी।
यह आदेश ओला, उबर, रैपिडो जैसी मोटर वाहन एग्रीगेटर कंपनियों और ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ-साथ सभी डिलीवरी सेवा प्रदाताओं पर लागू होगा। इन कंपनियों के बेड़े में अब केवल इलेक्ट्रिक या CNG चालित वाहनों को ही शामिल करने की अनुमति होगी।
एआरटीओ ने बताया कि यह नियम मेरठ सहित पूरे एनसीआर में स्वच्छ हवा और बेहतर परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू किया जा रहा है। इसका सीधा अर्थ है कि 1 जनवरी 2026 से, ये कंपनियां पेट्रोल या डीजल पर चलने वाले नए वाहन अपने बेड़े में शामिल नहीं कर पाएंगी। मौजूदा वाहनों को भी चरणबद्ध तरीके से सीएनजी या इलेक्ट्रिक में बदलना अनिवार्य होगा।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) November 23, 2025







