लखनऊ:जेल से रिहा होने के बाद इरफान सोलंकी ने अखिलेश यादव से की मुलाकात

लखनऊ

समाजवादी पार्टी  के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी गुरुवार को तीन साल बाद जेल से रिहा होने के बाद पहली बार लखनऊ पहुंचे और सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव से परिवार सहित मुलाकात की।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट

समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी गुरुवार को तीन साल बाद जेल से रिहा होने के बाद पहली बार लखनऊ पहुंचे और सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव से परिवार सहित मुलाकात की।

मुलाकात के बाद ईटीवी भारत से बातचीत में सोलंकी भावुक हो गए। उन्होंने इसे ‘सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि एक पारिवारिक स्नेह का क्षण’ बताया। उन्होंने दिवाली और भैया दूज के मौके पर अखिलेश यादव को शुभकामनाएं दीं और कहा कि विपरीत परिस्थितियों में अखिलेश यादव और डिंपल यादव ने जो साथ निभाया, वह वह जीवनभर नहीं भूल सकते।

‘दुश्मन भी झूठे मुकदमे में जेल न जाए’

तीन साल की जेल यात्रा के अनुभव पर सोलंकी ने कहा, “बहुत दर्द सहा है। मैं दुआ करता हूं कि मेरा दुश्मन भी किसी साजिश या झूठे मुकदमे में जेल न जाए।” उन्होंने कहा कि आजम खान, अब्बास अंसारी और उनके स्वयं के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज किए गए हैं, लेकिन उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।

अखिलेश यादव को बताया ‘पारिवारिक संरक्षक’

इरफान सोलंकी ने अखिलेश यादव को पार्टी मुखिया से अधिक ‘पारिवारिक संरक्षक’ बताया। उन्होंने कहा कि जब भी कोई सपा नेता प्रताड़ित होता है, अखिलेश यादव को सबसे ज़्यादा दर्द होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे सिर्फ आभार व्यक्त करने आए थे, कोई सियासत करने नहीं।

आजम खान पर अफवाहों को किया खारिज

सोलंकी ने उन अफवाहों को खारिज किया कि आजम खान सपा छोड़ सकते हैं। उन्होंने कहा, “आजम खान कहीं नहीं जा रहे हैं। समाजवादी पार्टी ही उनका स्थायी घर है।”

उन्होंने उपचुनाव में अपनी पत्नी के ‘झांसी की रानी की तरह’ लड़ने और शीशामऊ की जनता द्वारा दिए गए ऐतिहासिक समर्थन के लिए आभार जताया। सोलंकी ने उन लोगों को भी जवाब दिया, जो कहते हैं कि अखिलेश यादव मुसलमानों के मुद्दों पर खुलकर नहीं बोलते, उन्होंने कहा, “अखिलेश यादव ने हमेशा हमारे हक और न्याय की आवाज बुलंद की है।”

 

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