दिल्ली कोर्ट ने लालू, राबड़ी और तेजस्वी पर IRCTC घोटाला मामले में आरोप किए तय, चुनाव से पहले बढ़ीं मुश्किलें

ब्यूरो रिपोर्ट

दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को कथित IRCTC घोटाला मामले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद, उनकी पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, तथा बेटे तेजस्वी यादव के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट

दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को कथित IRCTC घोटाला मामले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद, उनकी पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, तथा बेटे तेजस्वी यादव के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। इस फैसले के साथ ही बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले लालू परिवार के खिलाफ मुकदमे की प्रक्रिया में तेजी आ गई है।

क्या है IRCTC घोटाला?

यह घोटाला 2005-06 के दौरान शुरू हुआ, जब लालू प्रसाद रेल मंत्री थे।

फर्जी टेंडर प्रक्रिया: सीबीआई के अनुसार, लालू प्रसाद ने IRCTC के दो होटल (रांची और पुरी) लीज पर दिलवाने में कोचर बंधुओं की मदद की। टेंडर प्रक्रिया में हेरफेर का आरोप है, जिसे IRCTC के तत्कालीन एमडी पीके गोयल ने अंजाम दिया।

जमीन का सौदा: इन होटलों के टेंडर के एवज में, कोचर बंधुओं ने पटना की बेली रोड स्थित 3 एकड़ जमीन को ₹1.47 करोड़ में सरला गुप्ता की कंपनी मेसर्स डिलाइट मार्केटिंग कंपनी लिमिटेड (DMCL) को बेच दिया। यह सौदा एग्रीकल्चर लैंड बताकर कम कीमत पर किया गया था।

बेनामी संपत्ति ट्रांसफर: 2010 से 2014 के बीच, यही जमीन लालू यादव के परिवार की कंपनी लारा प्रोजेक्ट्स को मात्र ₹65 लाख में ट्रांसफर कर दी गई, जबकि उस समय इसका बाजार मूल्य लगभग ₹94 करोड़ था।

सीबीआई ने इस मामले में 7 जुलाई 2017 को FIR दर्ज की थी और कई स्थानों पर छापेमारी की गई थी। आरोप तय होने के बाद अब लालू परिवार के खिलाफ कोर्ट में औपचारिक रूप से मुकदमा शुरू हो जाएगा।

 

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