आजमगढ़ कोर्ट से ठगी के आरोपी को झटका: फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी मामले में जमानत खारिज

आजमगढ़

आज़मगढ़ जनपद में ज़मीन बेचने का झांसा देकर पाँच लाख रुपये की ठगी करने के मामले में, आज़मगढ़ कोर्ट ने आरोपी सैयद हसन रज़ा रिज़वी की ज़मानत अर्जी खारिज कर दी है। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट

आज़मगढ़ जनपद में ज़मीन बेचने का झांसा देकर पाँच लाख रुपये की ठगी करने के मामले में, आज़मगढ़ कोर्ट ने आरोपी सैयद हसन रज़ा रिज़वी की ज़मानत अर्जी खारिज कर दी है। कोर्ट ने सुनवाई पूरी करने के बाद आरोपी को किसी तरह की राहत देने से इनकार कर दिया।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह मामला तब शुरू हुआ जब वादी मुकदमा मोहम्मद अरशद (निवासी सीताराम, शहर कोतवाली) को आरोपी सैयद हसन रज़ा रिज़वी (निवासी आलिया कॉलोनी, हुसैनाबाद, लखनऊ) ने लखनऊ स्थित एक ज़मीन की फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी दिखाई।

ठगी की वारदात
आरोपी सैयद हसन रिजवी ने मोहम्मद अरशद को झांसा दिया कि यह ज़मीन काफी कीमती है, जिसे वह कम कीमत पर दिलवा देगा। इस बात पर यकीन करके वादी मोहम्मद अरशद ने आरोपी को 21 अप्रैल 2025 को पाँच लाख रुपये दो गवाहों के सामने एडवांस के तौर पर दिए। दोनों पक्षों के बीच यह तय हुआ था कि अगले तीन महीने में शेष लगभग 10 लाख रुपये देकर ज़मीन का बैनामा करा लिया जाएगा।

लेकिन, आरोपी ने ज़मीन का बैनामा नहीं कराया और ठगी की इस घटना को अंजाम दिया। अभियोजन पक्ष की दलीलों और मामले की गंभीरता को देखते हुए, कोर्ट ने पाया कि आरोपी को ज़मानत पर रिहा करना उचित नहीं है, जिसके बाद उसकी अर्जी खारिज कर दी गई।

 

 

Voice Of News24