सिद्धार्थनगर:ज्ञान से भरेगी बंदियों की दुनिया, जेल में मिला किताबों का खजाना

सिद्धार्थनगर

ज्ञान को चरित्र निर्माण और सकारात्मक बदलाव का सबसे बड़ा जरिया मानते हुए, आजाद महाविद्यालय के प्रबंधक मुमताज अहमद ने एक नेक पहल की है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट

ज्ञान को चरित्र निर्माण और सकारात्मक बदलाव का सबसे बड़ा जरिया मानते हुए, आजाद महाविद्यालय के प्रबंधक मुमताज अहमद ने एक नेक पहल की है। उन्होंने जिला कारागार सिद्धार्थनगर में बंदियों के लिए चलाई जा रही लाइब्रेरी को 75 नई किताबें भेंट की हैं।

इन किताबों में नैतिकता (एथिक्स), कानून, धार्मिक साहित्य, विज्ञान, महापुरुषों की जीवनियाँ, पर्यावरण, हिंदी, संस्कृत, उर्दू, गणित, खेलकूद और कई अन्य विषयों की किताबें शामिल हैं। इन पुस्तकों से बंदियों को समाज, संस्कृति और विज्ञान के बारे में जानने का मौका मिलेगा, जिससे उन्हें भविष्य के लिए एक नई दिशा मिलेगी।

जिला कारागार के अधीक्षक सचिन वर्मा ने मुमताज अहमद की इस कोशिश की तारीफ करते हुए कहा, “किताबें व्यक्ति को अंधेरे से उजाले की ओर ले जाती हैं। इस तरह की भेंट न केवल बंदियों को ज्ञान देगी, बल्कि उनमें खुद पर भरोसा और खुद को सुधारने की भावना भी पैदा करेगी।”

मुमताज अहमद ने कहा, “शिक्षा और साहित्य ही असली दौलत हैं। अगर बंदी इन किताबों को पढ़ते हैं, तो वे समाज में वापस एक सम्मानजनक जीवन जीने की प्रेरणा पा सकते हैं।” इस मौके पर जेलर मुकेश प्रकाश, शिक्षक उत्सव तिवारी और अभिषेक कुमार पाण्डेय भी मौजूद थे।

 

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